पढ़ने की ललक को छीन लिया इंद्रावती नदी ने, नदी में 6 दिन बाद मिले छात्राओं के शव‌‌

जगदलपुर। बस्तर संभाग में अतिवृष्टि और भीषण बाढ़ ने बड़ी तबाही मचाई है। जन धन का भारी नुकसान हुआ है। दो मासूम छात्राओं की पढ़ने की ललक इंद्रावती नदी की भेंट चढ़ गई, नदी में बह गई दोनों छात्राओं के शव छह दिन बाद बरामद हुए।
जमकर कहर बरपा कर थमी बारिश अपने पीछे बर्बादी की ऎसी निशानियां और जख्म छोड़ गई है, जिसकी भरपाई शायद ही हो पाए। इस प्राकृतिक आपदा ने दो मासूम जिंदगियों को भी लील लिया। बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक अंतर्गत चिंगेर गांव की दो छात्राओं के शव शनिवार को इंद्रावती नदी से बरामद हुए। बीते सोमवार को पांचवी कक्षा में पढ़ने वाली चिंगेर गांव की दो छात्राएं नेलागोंडा घाट को नाव से पार कर रही थीं। अचानक नाव पलटने से दोनों बच्चियां तेज बहाव में बह गईं। घटना की जानकारी मिलने पर नगर सेना की टीम ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया था। लेकिन पांच दिनों तक कोई सुराग नहीं मिला। छठवें दिन शनिवार को ग्रामीणों ने नदी के अलग-अलग घाटों पर झाड़ियों में फंसे दोनों बच्चों के शवों को देखा और सूचना नगर सेना को दी। मौके पर पहुंची टीम ने दोनों शवों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला। दोनों छात्राओं के शव देख परिजन में रोने बिलखने लगे। चिंगेर गांव में मातम पसर गया।

पोस्टमार्टम बाद परिजनों को सौंप कर अंतिम संस्कार ग्रामीणों ने गांव में किया। भैरमगढ़ के तहसीलदार सूर्यकांत घरत ने बताया कि पिछले पांच दिनों से लगातार रेस्क्यू अभियान चल रहा था। नदी का बहाव कम होने के बाद दोनों बच्चियों के शव लगभग दो किलोमीटर दूर झाड़ियों में फंसे मिले। डॉक्टरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जिसके बाद पोस्टमार्टम करा कर शव परिजनों को सौंप दिए गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *