100 करोड़ के भ्रष्टाचार के दागी अफसरों को मंत्रियों का संरक्षण
–अर्जुन झा-
जगदलपुर। केंद्र पोषित अमृत सरोवर योजना के नाम पर बस्तर संभाग के सुकमा जिले में हुए सौ करोड़ के घोटाले की शिकायत अब केंद्र सरकार तक पहुंच गई है। वहीं मामले में दागी अधिकारी अब जातिवाद का कार्ड खेलकर समाज में वर्गभेद करने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी ओर दावा किया जा रहा है कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा के कृपा पात्र रहे इन दागी अधिकारियों पर अब मौजूदा सरकार के दो मंत्री मेहरबान हो गए हैं,
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव को 100 के भ्रष्टाचार की शिकायत की गई है। सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के पूर्व जनपद सीईओ, जो वर्तमान में उद्योग विभाग में सहायक संचालक के पद पर पदस्थ हैं तथा एक परियोजना अधिकारी के खिलाफ शिकायत की गई थी। इन पर दो तकनीकी सहायकों एवं एक सचिव की हत्या कराने का भी आरोप लगाया गया है। जिन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं उन्हें भाजपा सरकार में संरक्षण मिल रहा है। प्राप्त जानकारी के कोंटा विकासखंड की कई पंचायतों में फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगे हैं। अमृत सरोवर योजना, रीपा योजना सौर ऊर्जा लाईट एवं 14वें एवं 15वें वित्त मद में वर्ष
2021 से 2023 के मध्य भ्रष्टाचार किए जाने के आरोप लगे हैं। पंचायतों में कागजों पर कार्यों को अंजाम देकर बड़े पैमाने पर राशि की बंदरबांट की गई है। कमीशन अधिकारी तक पहुंचता था और भ्रष्टाचार से प्राप्त राशि पूर्व सरकार के मंत्री के पास पहुंचती रही एवं कांग्रेस भवन निर्माण में भी यह राशि लगाई गई थी। ऐसे अधिकारी आज भाजपा सरकार के करीबी बनकर एकबार फिर भ्रष्टाचार को अंजाम देकर सरकार की छवि को धुमिल करने में लगे हैं।
ऑफिस में बैठकर जांच!
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उक्त मामलें की जांच के नाम पर महज औपचारिकता पूरी कर जांच रिपोर्ट भेजे जाने की खबर है। जिन्हें जांच की जिम्मेदारी दी गई थी वह मौके पर पहुंचे ही नहीं, दफ्तर में ही बैठकर रिपोर्ट तैयार कर भेज दी गई है। जांच रिपोर्ट उस अधिकारी के मागदर्शन में तैयार किये जाने की खबर है जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। कोर्ट को भी मामले की जांच की फर्जी रिपोर्ट भेजे जाने की खबर है।
लखमा के करीबी अफसर पर मंत्री मेहरबान
जिस अधिकारी ने तत्कालीन मंत्री कवासी लखमा के संरक्षण में करोड़ों का घालमेल किया है, उस अधिकारी को जिले से बाहर करने के बजाय भाजपा सरकार उस पर मेहरबान बनी हुई है। दो अधिकारियों को मंत्री का सीधा संरक्षण प्राप्त रहा है। जिला पंचायत के जिस अधिकारी पर कोण्डागांव जिले में 65 लाख का रिकवरी है, वह वन मंत्री के करीबी हैं तो दूसरे को पंचायत मंत्री का संरक्षण प्राप्त है। एक अधिकारी को संगठन के बड़े नेता द्वारा संभाग से बाहर खदेड़ने के लिए मंत्री को पत्र लिखा गया था। उस अधिकारी को जिला प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है ऐसे में भाजपा सरकार द्वारा भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की मंचों से बयानबाजी करना महज दिखावा साबित हो रहा है।
सब चढ़ावे का कमाल
संगठन के एक नेता की मांग को सरकार द्वारा दरकिनार किए जाने पर उक्त अधिकारी ने चुटकी लेते हुए और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के समक्ष व्यंग करते हुए कहा कि सब चढ़ावे का कमाल है संगठन के नेता भी मेरा कुछ नहीं कर पाए कारण कि मेरा मंत्री से सीधा संपर्क है।
भ्रष्ट अधिकारी होने आउट: बारसे
सुकमा भाजपा जिलाध्यक्ष धनीराम बारसे ने कहा है कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा के संरक्षण में भ्रष्टाचार को अंजाम देने वाले अधिकारी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री के जो भी करीबी अधिकारी बचे हैं उन्हें चिन्हांकित कर हटाने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को जिले से निकाल बाहर किया जाएगा।
