GST उत्सव नहीं मोदी सरकार की नाकामी का प्रत्यक्ष प्रमाण,जनता को नहीं मिल रही राहत–राजेंद्र पटवा
जगदलपुर :-बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी में व्यापारी प्रकोष्ठ के शहर अध्यक्ष राजेंद्र पटवा ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जीएसटी उत्सव को लेकर तंज कसते हुए कहा है कि मोदी सरकार और भाजपा नेताओं का”GST “उत्सव”दरअसल सिर्फ एक ढोंग है। उन्होंने कहा कि असलियत यह है कि सरकार आठ साल बाद वही कर रही है, जिसकी चेतावनी कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्तमान लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पहले दिन से दी थी।राहुल गांधी जी ने 2017 में ही कहा था कि GST अधूरी तैयारी वाला टैक्स है, जिसे जल्दबाज़ी और अयोग्यता में लागू किया गया। उन्होंने चेताया था कि यह गरीबों और छोटे व्यापारियों पर डाका साबित होगा। उस समय भाजपा ने उनकी बातों का मज़ाक उड़ाया, लेकिन परिणाम यह हुआ कि लाखों छोटे व्यापारी बर्बाद हो गए, MSME क्षेत्र तबाह हो गया और आम जनता लगातार आर्थिक बोझ तले पिसती रही और अब जब मोदी सरकार मजबूरी में GST की अधिकतम दर 18% करने और प्रक्रियाओं को आसान बनाने की घोषणा कर रही है, तो यह दरअसल राहुल गांधी जी की दूरदर्शिता और उनकी बातों पर प्रत्यक्ष मुहर है। सवाल यह है कि अगर यही करना था तो आठ साल तक व्यापारियों और जनता का शोषण भाजपा सरकार ने क्यों किया? क्यों गब्बर सिंह टैक्स के नाम पर जनता को लूटा गया?
राजेंद्र पटवा ने कहा कि आज बस्तर छत्तीसगढ़ की जनता बढ़े हुए आए बिजली बिल के कारण परेशान हो गई है। औसतन हर उपभोक्ता का बिजली बिल दुगुना आया है। बिजली बिल ज्यादा आने का तीन कारण है सरकार ने बिजली के दाम बढ़ा दिया है।बिजली बिल हाफ योजना बंद हो गई।स्मार्ट मीटर लगाए गए है जो अनाप शनाप खपत से अधिक रीडिंग बता रहा जिससे बिल अधिक आ रहा है जीएसटी छूट से ज्यादा बिजली बिल जनता पर भारी पड़ रहा है,वही दवाईयां अभी भी महंगी है, सीमेंट व्यापारी और किराना रिटेलर अभी भी उसी एमआरपी पर समान बेच रहे हैं, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में जमकर लुट मची हुई है और भाजपा नेतागण उत्सव मना रहे हैं!*
*राजेंद्र पटवा ने आगे कहा कि भाजपा के नेतागण उत्सव बताकर देश की जनता को सिर्फ भ्रमित और गुमराह कर रही है। सच्चाई यह है कि भाजपा सरकार ने आठ साल तक व्यापारियों की पीठ पर करों का डंडा बरसाया और अब उन्हीं सुधारों को लागू करने पर मजबूर हुई,भाजपा सरकार को सुधार का जश्न मनाने से पहले देश से माफी माँगनी चाहिए। यह माफी केवल व्यापारियों से ही नहीं बल्कि पूरे देश की जनता से होनी चाहिए, जिसने भाजपा की नाकाम आर्थिक नीतियों की वजह से रोज़गार, रोज़ी-रोटी और व्यापार खोया।कांग्रेस पार्टी हमेशा व्यापारियों और आम जनता की आवाज़ बनकर खड़ी रही है और आगे भी रहेगी।यह जीत उन व्यापारियों और आम लोगों की है, जिनकी आवाज़ राहुल गांधी ने वर्षों तक संसद और सड़कों पर उठाई।*
