स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बन रहा है हमारा बस्तर

अर्जुन झा-
जगदलपुर।हमारा बस्तर स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से अग्रसर हो रहा है।यहां के युवा ही नहीं बस्तरिहा महतारी भी बस्तर की पहचान पूरी दुनिया में बनाने में योगदान दे रही हैं।मुख्यमंत्री विष्णु देव के सुशासन में बस्तर की महिलाएं आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की नई गाथा लिख रही हैं। जगदलपुर में नगर के युवा महापौर संजय पाण्डेय की विशेष मेहनत और पहल पर ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के अवसर पर 1 से 8 अक्टूबर तक आयोजित हो रहे स्वदेशी मेले से जो तस्वीरें निकलकर सामने आई हैं, वे बस्तर की मातृशक्ति की लगन और आत्मनिर्भरता के प्रति उनकी ललक को प्रदर्शित करती हैं।स्वदेशी मेले में बस्तर की महिलाओं द्वारा उत्पादित खाद्य पदार्थों और वस्तुओं का जलवा देखने को मिल रहा है।
स्वदेशी मेला स्थानीय संस्कृति और ग्रामीण आजीविका की अनूठी छटा बिखेर रहा है। इस मेले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्व सहायता समूह की महिलाओं ने अपने हाथों से बने उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों को प्रदर्शित और विक्रय कर आत्मनिर्भरता का बड़ा संदेश दिया है। मेले में जिला पंचायत का स्टॉल आकर्षण का केंद्र बन गया है, जहां बस्तर और संभाग के सभी जिलों के महिला समूहों द्वारा उत्पादित विविध सामग्रियां ग्राहकों को खूब लुभा रही हैं। इस स्टॉल पर विशेष रूप से हल्दी, मिर्ची, धनिया, तिखुर जैसे शुद्ध मसाले, पारंपरिक व्यंजनों में महुआ लड्डू, इमली चपाती, कुकीज़, और मिक्सचर की बड़ी डिमांड हो रही है। महिलाएं बेहद खुश नजर आ रही हैं, उनकी आंखों में सुनहरे भविष्य की चमक साफ दिखाई दे रही है।

कला- शिल्प का संगम
उत्पादों की श्रृंखला सिर्फ खाद्य सामग्रियों तक सीमित नहीं है। यहां बेल मेटल की उत्कृष्ट कलाकृतियां, काष्ठकला के महीन नमूने, और पारंपरिक वेशभूषा एवं सूती वस्त्र जैसे परिधान भी प्रदर्शित किए गए हैं। इसके अलावा, बांस शिल्प, सीसल और जूट से बने आकर्षक उत्पाद, हस्तनिर्मित ज्वैलरी तथा घर की रोजमर्रा की ज़रूरतों के लिए साबुन, सर्फ, फिनाइल और सेनेटरी पैड जैसे उत्पाद भी बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।

इस मेले में बस्तर संभाग के अन्य जिलों के स्व सहायता समूहों सदस्याओं द्वारा बनाए गए उत्पादों को भी शामिल किया गया है, जो ‘लोकल फॉर वोकल’ की भावना को बल देते हुए ग्रामीण महिलाओं की उद्यमशीलता के हुनर को एक बड़ा मंच प्रदान कर रहा है। यह मेला ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की कहानी भी बयां कर रहा है। स्थानीय उत्पादों की खरीद कर, लोग सीधे इन मेहनती महिला समूहों की आजीविका में सहयोग कर रहे हैं।

मोदी के सपने को साकार किया संजय ने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल फॉर वोकल और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने सपने को बस्तर की धरातल पर साकार करने में जगदलपुर के युवा एवं ऊर्जावान महापौर संजय पाण्डेय के प्रयासों की जितनी भी तारीफ की जाए, कम ही है। दरअसल यहां स्वदेशी मेले को जीवंत बनाने और स्थानीय महिलाओं तथा शिल्पियों को बड़ा मंच उपलब्ध कराने में महापौर संजय पांडे का बड़ा योगदान रहा है। यहां स्वदेशी मेले का आयोजन महापौर संजय पाण्डेय की ही विशेष पहल पर हुआ है। रोज सुबह शाम मॉनिटरिंग करके उन्होंने स्वदेशी मेले की सार्थकता को सभी के सामने लाया है। जगदलपुर के इतिहास में शायद पहली बार एक सनातनी महापौर ने स्वदेशी का बीड़ा उठाया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों को पूरा करने का सार्थक प्रयास किया है। मेले में आए शिल्पी, स्व सहायता समूहों की महिलाएं और मेले में पहुंचने वाले लोग महापौर संजय पाण्डेय की पहल की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं।

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