नक्सलियों के हाथों हत्याएं; एफआईआर को ही न माना जाए आधार: विक्रम मंडावी

जगदलपुर। बीजापुर के कांग्रेस विधायक विक्रम शाह मंडावी का कहना है कि नक्सलियों द्वारा की जाने वाली हत्याओं के मामलों में पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता और सरकारी देने के लिए एफआईआर को ही पैमाना न माना जाए। कई ग्रामीण डर के कारण ऐसे मामलों की रिपोर्ट पुलिस में नहीं लिखाते। इसलिए ग्राम प्रमुखों, सरपंच या पटवारी की संस्तुति के आधार पर पीड़ित परिवारों को नौकरी व मुआवजा राशि देने की व्यवस्था की जानी चाहिए। इस संबंध में विधायक विक्रम मंडावी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखा है।
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में विधायक श्री मंडावी ने कहा है कि बीजापुर जिले के अंदरूनी इलाकों में नक्सलियों द्वारा आए दिन मुखिबरी के नाम पर ग्रामीण आदिवासियों की हत्याएं की जा रही हैं। पिछले 2 महीनों में बीजापुर जिले के उसूर ब्लॉक के ग्राम उड़तामल्ला, मारूढ़बाका, कमलापुर और पाउरगुड़ा में 5 ग्रामीणों की हत्या नक्सलियों द्वारा किए जाने की सूचना है। बीते दिनों ग्राम नेलाकांकेर में 2 ग्रामीणों की हत्या नक्सलियों द्वारा की जा चुकी है। घटना के बाद नक्सलियों के भय और धमिकयों से परिजनों द्वारा थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई जा रही है। थाने में रिपोर्ट दर्ज नही होने के कारण पीड़ित परिवारों को मुआवजा राशि एवं सरकारी नौकरी नहीं मिल पाती है। इसलिए ऐसे मामलों में मृतकों के परिजनों को पीड़ित मानते हए पर्याप्त मुआवजा राशि एवं सरकारी नौकरी प्रदान की जाए। विधायक मंडावी ने पीड़ित परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह शानदार पहल की है।

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