बीईओ भारद्वाज के निलंबन का मामला; हाईकोर्ट के आदेश को ठेंगा दिखा रहे अधिकारी

जगदलपुर। बस्तर जिले में शिक्षा विभाग द्वारा हाईकोर्ट के आदेश पर अमल नहीं किया जा रहा है। मामला जगदलपुर विकासखंड के बीईओ मानसिंह भारद्वाज की बहाली और पुनः पदस्थापना से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने मानसिंह भारद्वाज के पक्ष में फैसला दिया है, मगर उन्हें उसी कार्यालय में पदस्थ नहीं किया जा रहा है। अभी जगदलपुर ब्लॉक शिक्षा कार्यालय में तीन बीईओ हैं और तीनों ही पंगु बने हुए हैं, विभाग का कोई काम नहीं हो पा रहा है।
उल्लेखनीय है शिक्षा विभाग की युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में मामूली चूक पर जगदलपुर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी मानसिंह भारद्वाज को निलंबित कर दिया गया था। श्री भारद्वाज ने अपने निलंबन को चुनौती देते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका पर पूरी छानबीन के पश्चात न्यायालय ने आदेश जारी कर उन्हें पुनः उसी स्थान पर ज्वाइनिंग देने कहा था। बस्तर कमिश्नर द्वारा भी उन्हें आदेशित किया गया। किंतु हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है।अभी वर्तमान में खंड शिक्षा कार्यालय जगदलपुर में पूर्व बीईओ अनिलदास, शासन द्वारा नियुक्त बीईओ राजेश गुप्ता और कोर्ट के आदेश पर पुनः बहाल हुए मानसिंह भारद्वाज पदस्थ हैं, किंतु तीनों अधिकार विहीन हैं। लिहाजा कोई भी कार्यालयीन कार्य ठीक ढंग से नहीं हो पा रहा है। तीनों बीईओ अधिकार विहीन होकर काम करने मजबूर हैं। आखिर क्या वजह है कि शिक्षा विभाग के बड़े अफसर और जिला प्रशासन के अधिकारी हाई कोर्ट के आदेश पर अमल नहीं कर रहे हैं? यह सवाल बस्तर जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह खुलेआम कोर्ट की अवमानना का मामला है। अगर यह केस फिर से हाईकोर्ट में चला गया तो अधिकारियों को लेने के देने पड़ जाएंगे। मानसिंह भारद्वाज एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी माने जाते हैं। जिस समय उनका निलंबन आदेश जारी हुआ था, उस समय उनके परिवार के किसी सदस्य का निधन हो गया था और वे इसी सिलसिले में मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के प्रवास पर थे। मानसिंह भारद्वाज के निलंबन का मामला शुरू से ही चर्चाओं के केंद्र में रहा है। नागरिक और शिक्षक समुदाय उनके निलंबन की कार्रवाई को लगातार अनुचित करार देते रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *