जुआ खेलते पकड़े गए भाजपा- कांग्रेस के नेता
जगदलपुर। जिस भाजपा नेता को पुलिस सुरक्षा प्राप्त है, वही पुलिस के हत्थे चढ़ गया। फिर तो नेताजी की बड़ी फजीहत हो गई।दरअसल यह नेताजी जुआ खेलते पकड़े गए थे। अकेले भाजपा ही नहीं, बल्कि कांग्रेस के नेता भी जुआ खेलते धराए हैं।
मामला सुकमा जिले के छिंदगढ़ का है, जहां एक फार्म हाउस में फड़ जमाए जुआरियों को पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस की रेड में भाजपा और कांग्रेस के कुछ नेता एवं अन्य लोग हत्थे चढ़ गए, तो वहीं कई जुआरी भागने में भी सफल हुए।पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चार लोंगों के खिलाफ जुआ एक्ट में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों को मुचलके पर छोड़ दिया गया है। सुकमा जिला पुलिस की इस कार्रवाई से चर्चा का बाजार गर्म है। खबर है कि अपराधियों पर नकेल कसने वाले पुलिस पर मामले को रफा-दफा करने की भी दबाव बनाया जा रहा है। ऐसा नहीं करने पर नेताओं द्वारा लाईन अटैच कराने की धमकी भी दिए जाने की खबर है। पुलिस सुरक्षा प्राप्त भाजपा नेता ने जुए का फड़ सजा रखा था। पुलिस को देखते ही जुआरियों ने भागना शुरू कर दिया। लेकिन पुलिस ने चार लोगों को धर दबोचा। ज्ञातव्य हो कि मुखबिर से मिली सूचना पर सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चौहान के आदेश अनुसार दो थानों की संयुक्त टीम जुआरियों पर नकेल कसने निकली थी। दो दिन पूर्व सुकमा एवं छिंदगढ़ पुलिस की ज्वाईंट ऑपरेशन के दौरान छिंदगढ़ के बाला टिकरा मार्ग पर एक फार्म हाउस में दोपहर को रेड मार चार जुआरियों को पकड़ा गया। कुछ जुआरी पुलिस को देख भाग निकले। पुलिस की इस कार्रवाई से सुकमा में चर्चा का बाजार गर्म है। ऐसी खबर है कि कुछ कांग्रेसी नेता और कर्मचारी में मौजूद थे जो भागने में सफल रहे।

भाजपा नेता सहित 4 पर केस
छिंदगढ़ पुलिस ने छग जुआ अधिनियम 2022 की धारा 3(2) के तहत भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुकमा सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सभी को गिरफ्तार कर मुचलके पर रिहा कर दिया गया है।जानकारी के अनुसार इसके पूर्व तोंगपाल में भी जुआरियों के खिलाफ कार्रवाई करने में पुलिस को सफलता मिली थी। जिसको लेकर प्रेस नोट के साथ जुआरियों का फोटो जारी की गई थी। भाजपा के दिग्गज नेताओं के मौजूदगी के कारण इनके नामों को गोपनीय रखा गया है और प्रेस नोट तक भी जारी नहीं किया गया। आम जनता के पकड़े जाने पर पुलिस फोटो जारी करने में सक्रियता दिखाती है, लेकिन सत्ताधारी दल के नेताओं पर कार्रवाई होने पर दोहरा मापदंड अपनाना पुलिसिया कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है।
