छत्तीसगढ़ भाजपा में सबसे बड़ा बलवान कौन?
–अर्जुन झा-
जगदलपुर। प्रदेश भाजपा में सबसे बड़ा बलवान कौन? यह सवाल जगदलपुर से लेकर राजधानी रायपुर तक की सियासी फिजां में तैर रही है। भाजपा ही नहीं कांग्रेस के लोग भी यही सवाल उठा रहे हैं। दरअसल बस्तर के एक बड़े नेता की प्रदेश भाजपा में घुसपैठ कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है। ये नेता दावा करते फिरते हैं कि मैने फलां व्यक्ति को एक आयोग का अध्यक्ष बनवा दिया है और अब फलां व्यक्ति को प्राधिकरण का अध्यक्ष बनवा रहा हूं। नेता की ऎसी ही दंभ भरी बातों से सवाल उठ रहा है कि भाजपा संगठन में सबसे ज्यादा किसकी चलती है?
भाजपा की राजनीति में गर्माहट इसलिए है कि यहां के एक व्यावसायी नेता जिसकी प्रदेश कार्यालय में अच्छी घुसपैठ है और वे एक आयोग के अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने अपने समर्थकों के बीच कहा कि “मैंने आदिवासी समाज से एक नेता को आयोग का अध्यक्ष बनवा दिया है”। अब एक सीनियर नेता को इंद्रावती विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनवाने प्रयासरत हूं और सफलता भी मिल चुकी है।
वरिष्ठ भाजपाई नाराज
यह बात जगदलपुर के साथ साथ प्रदेश में अंदरूनी तौर पर फैल गई है। नेताजी के इस बयान को लेकर भाजपा के सीनियर नेताओं में नाराजगी है कि जिन्होंने शुरुआत से भाजपा संगठन को बरगद का पेड़ बनाने में अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया, ऐसे में एक जूनियर नेता सिर्फ अपने रायपुर के ताकतवर संपर्कों का उपयोग करके छोटे कार्यकर्ताओं के बीच अपने वर्चस्व का जो संदेश दे रहे हैं, यह ठीक नहीं है। अब इसमें कितनी सच्चाई है यह तो जगदलपुर भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ता ही जानें, लेकिन यह अब चर्चा का विषय तो बन ही गया है। सूत्र तो यह भी बता रहे हैं कि इंद्रावती विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष के पद का नियुक्ति पत्र राज्य शासन कभी भी जारी कर सकता है। वहीं सीनियर बीजेपी कार्यकर्ताओं में चर्चा का विषय की क्या जिन्हें अध्यक्ष बनाया जा रहा है वह इस पद को स्वीकार करेंगे, क्या उनकी सीनियारिटी के हिसाब से यह पद उपयुक्त है? इस पर फैसला तो उस सीनियर नेता को ही करना है,अब आगे क्या होगा, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन चर्चा तो बाजार में गर्म है।
