महिला एवं बाल विकास विभाग बजट चर्चा में विधायक भावना बोहरा ने पंडरिया विधानसभा के ग्रामीण व वनांचल क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन की मांग की

रायपुर,,पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने आज विधानसभा में महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित प्रावधानों पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए पंडरिया विधानसभा के ग्रामीण व वनांचल एवं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में आंगनबाड़ी सेवाओं के विस्तार और पोषण कार्यक्रमों को मजबूत करने की बात कही जिससे क्षेत्र की महिलाओं और बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ सके।

इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र व प्रदेश से जुड़े प्रमुख विषयों को सदन के समक्ष रखा। उन्होंने ग्राम पंचायतों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास हेतु स्वीकृत कार्यों और ग्राम पंचायतों के डिजिटलीकरण व कंप्यूटर विहीन ग्राम पंचायतों के विषय में प्रश्न किया। ग्रामीण क्षेत्रों में जनता की सुविधा हेतु ऑनलाइन दस्तावेजों की प्राप्ति में ग्रामवासियों को हो रही असुविधा के लिए उन्होंने प्रमुखता से प्रश्न रखा साथ ही उन्होंने ग्रामीण विकास के लिए पंचायतों द्वारा स्वीकृत एवं लंबित कार्यों का विषय भी उठाया। इसके साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं एवं पंजीकृत बेरोजगार युवाओं को कौशल विकास एवं रोजगार के विषय को भी प्रमुखता से रखा और प्रदेश व जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं के विषय में भी प्रश्न किया।

भावना बोहरा ने प्रश्न किया कि कबीरधाम जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में ग्राम पंचायतों के माध्यम से कितने विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं? स्वीकृत कार्यों पर अब तक कितनी राशि व्यय की जा चुकी है? इनमें से कितने कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा कितने प्रगतिरत हैं? क्या उक्त स्वीकृत कार्यों की गुणवत्ता की नियमित निगरानी हेतु कोई विशेष तंत्र स्थापित किया गया है? जिसके लिखित उत्तर में गृह मंत्री जी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में 15वें वित्त एवं मुलभुत योजनाओं के अंतर्गत कुल 6,254 कार्य स्वीकृत हुए हैं जिसके लिए 67 करोड़ 80 लाख 91 हजार रु स्वीकृत की गई और कुल 35 करोड़ 49 लाख 93 हजार रु व्यय किये गए हैं। इनमें से 3,573 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, 1,373 कार्य प्रगतिरत हैं एवं 1237 कार्य अप्रारम्भ हैं। 2024-25 एवं 2025-26 में कबीरधाम जिलें में ग्राम पंचायत के माध्यम से स्वीकृत कार्यो की गुणवत्ता की निगरानी उप अभियंता एवं अनुविभागीय अधिकारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के द्वारा की जाती है। उन्होंने ग्राम पंचायतों में क्रय किये गये कम्प्यूटर के विषय में प्रश्न किया कि पंडरिया विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत पंचायत संचालन के प्रयोजनार्थ ग्राम पंचायतों हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2025-26 की अवधि में कुल कितने कम्प्यूटर क्रय किए गए हैं तथा उक्त क्रय पर कुल कितनी राशि व्यय की गई है? जिसके लिखित उत्तर में मंत्री जी बने बताया कि पंडरिया विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत पंचायत संचालन के प्रयोजनार्थ ग्राम पंचायतों हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2025-26 की अवधि में राज्य स्तर से निरंक, जिला/जनपद पंचायत स्तर से निरंक तथा पंचायत स्तर से कुल 07 कम्प्यूटर क्रय किए गए हैं। इनमें से जनपद पंचायत पंडरिया में 3, कवर्धा में 2 तथा सहसपुर लोहारा में 2 कम्प्यूटर कुल लागत 4 लाख 61 हजार 490 रु. में क्रय किया गया है।

भावना बोहरा ने जी-राम-जी (पूर्व में मनरेगा) योजना अंतर्गत मजदूरों के लंबित भुगतान के विषय में प्रश्न किया कि राज्य में जी-राम-जी योजना के तहत पिछले 06 महीनों में कितने मजदूरों का भुगतान 15 दिन की वैधानिक सीमा से बाहर हुआ है? विगत 03 वर्षों में कितने फर्जी जॉब कार्ड पकड़े गए? जिसके लिखित उत्तर में गृह मंत्री जी ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा भारत के राजपत्र दिनांक 21.12.2025 में ‘विकसित भारत – जी राम जी’ अधिनियम, 2025 का प्रकाशन किया गया है। इसे छत्तीसगढ़ राज्य में लागू करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत एक ही श्रमिक विभिन्न दिवसों में कार्य करता है, जिसमें से कुछ कार्यों का भुगतान हो जाता है तथा कुछ कार्यों का भुगतान लंबित रहता है, जिससे लंबित मजदूरी भुगतान वाले श्रमिकों की संख्या एवं औसत देरी बताया जाना संभव नहीं है। 22 दिसम्बर, 2025 से 12 जनवरी, 2026 तक आंशिक तथा 13 जनवरी, 2026 के बाद से पूर्ण मजदूरी भुगतान लंबित है। इस प्रकार दिनांक 27.02.2026 की स्थिति में कुल 225.09 लाख मानवदिवस का राशि रूपये 53143.71 लाख का मजदूरी भुगतान राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण लंबित है। महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत विगत 03 वर्षों में फर्जी / डुप्लीकेट जॉब कार्ड पकड़े जाने की जानकारी निरंक है।

भावना बोहरा ने स्वास्थ्य सेवाओं के सन्दर्भ में पूछा कि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) योजना के तहत राज्य के जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (CHCS) में क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना की अद्यतन स्थिति क्या है? राज्य के आदिवासी बाहुल्य जिलों में कुपोषण और सिकल सेल एनीमिया के प्रबंधन के लिये संचालित पोषण पुनर्वास केन्द्रों (NRC) में बिस्तरों की संख्या और डॉक्टरों की उपलब्धता का ब्यौरा क्या है ? क्या यह सही है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं की कमी की शिकायतें प्राप्त हुई हैं? जिसके लिखित उत्तर में लोक स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि प्रदेश के 17 जिलों में क्रिटिकल केयर यूनिट फिनिशिंग स्तर पर है, कुछ जगह स्लैब लेवल कार्य, कुछ जगह पुनः निविदा आमंत्रण, प्लिंथ लेवल कार्य प्रगतिरत है और कबीरधाम जिला अंतर्गत कवर्धा जिला अस्पताल में प्लिंथ लेवल कार्य प्रगतिरत है। राज्य के आदिवासी बाहुल्य जिलों में कुपोषण के प्रबंधन के लिए 10 विस्तर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल में सुविधा उपलब्ध है। कबीरधाम जिला में कवर्धा विधानसभा अंतर्गत जिला चिकित्सालय कबीरधाम, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहसपुर लोहरा व बोड़ला, एवं पंडरिया विधानसभा अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंडरिया में 10 बिस्तर की सुविधा उपलब्ध है एवं स्वास्थ्य केन्द्रों में संचालित पोषण पुनर्वास केन्द्रों के लिए संस्था में कार्यरत 1 चिकित्सा अधिकारी को नामित किया जाता है एवं आवश्यकतानुसार अन्य चिकित्सा अधिकारीयों द्वारा भी बच्चों की जाँच एवं उपचार किया जाता है।

कबीरधाम जिले अंतर्गत बेरोजगार युवाओं को प्राप्त रोजगार के विषय में प्रश्न करते हुए भावना बोहरा ने पूछा कि राज्य सरकार द्वारा बेरोज़गारी की आधिकारिक परिभाषा किन मानदंडों के आधार पर निर्धारित की जाती है तथा राज्य में बेरोज़गारी मापने हेतु किस सर्वेक्षण पद्धति का उपयोग किया जाता है एवं किन-किन आयु वर्गों को बेरोज़गार की श्रेणी में शामिल किया जाता है? वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ में प्रचलित बेरोज़गारी दर क्या है तथा कबीरधाम जिले में कुल कितने पंजीकृत बेरोजगार युवक/युवतियाँ है? पंजीकृत बेरोज़गारों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु राज्य सरकार द्वारा विगत दो वर्षों में कौन-कौन से कार्यक्रम, योजनाएँ या विशेष भर्ती अभियान संचालित किए गए हैं तथा इनके माध्यम से कबीरधाम जिले के कितने अभ्यर्थियों को रोजगार प्रदान किया गया है? जिसके लिखित उत्तर में कौशल विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब जी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा बेरोजगारी की अधिकारिक परिभाषा निर्धारित नहीं की जाती है। बेरोजगारी मापने हेतु विभाग द्वारा किसी सर्वेक्षण का कार्य भी नहीं किया जाता है। बेराजगारी दर का निर्धारण/गणना नहीं की जाती है। कबीरधाम जिले में कुल 28619 युवक एवं 18811 युवतियां (31 जनवरी, 2026 की स्थिति में) पंजीकृत रोजगार इच्छुक है। विभाग द्वारा जिला कार्यालयों के माध्यम से पंजीकृत रोजगार इच्छुकों के लिए रोजगार मेला/प्लेसमेंट कैंप का आयोजन कराया जाता है। इस वर्ष से राज्य स्तरीय रोजगार मेला एवं संभाग स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन भी प्रारंभ किया गया है। रोजगार मेला का आयोजन व्यवस्थित रूप से कराये जाने हेतु मानक संचालन प्रक्रिया बनाई गई है तथा रोजगार मेला की पूरी प्रक्रिया को ई-रोजगार पोर्टल पर ऑनलाइन किया गया है। जिला कबीरधाम अंतर्गत पंजीकृत रोजगार इच्छुकों को विगत दो वर्षों में रोजगार मेला/प्लेसमेंट कैंप के माध्यम से कुल 211 बेरोजगारों को रोजगार मिला है जिसमें से 189 पुरुष एवं 22 महिला हैं।

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