पत्रकार रौनक शिवहरे और परिवार के खिलाफ गीदम थाने में झूठा केस

जगदलपुर। दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिला के गीदम के पत्रकार रौनक शिवहरे के घर के सामने एक ट्रैक्टर चालक ने पत्रकार की स्कूटी को टक्कर मारते हुए उनके पिताजी और उनकी दो साल की छोटी बच्ची को ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश की, जिसमें दोनों बाल-बाल बचे। इसकी जानकारी मिलने के बाद पत्रकार रौनक जब वहां पहुंचे तो वहां ट्रैक्टर चालक से हुए विवाद के बाद पत्रकार रौनक ने गीदम थाने में इसकी लिखित शिकायत की। परन्तु थाना प्रभारी ने उक्त शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की, उल्टे ट्रैक्टर चालक एवं उनके सहयोगियों के दबाव में गीदम थाना प्रभारी ने रौनक एवं उनके माता-पिता के खिलाफ एसटी-एससी एक्ट अन्य गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया।आरोपी के दबाव में पुलिस ने पत्रकार को बिना जांच के जेल भेज दिया। बस्तर जिला पत्रकार संघ ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र भेज कर पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। बस्तर के पत्रकारों का कहना है कि पत्रकार और उसके माता-पिता के खिलाफ इन धाराओं के तहत मामला नहीं बनता।एक समूह के दबाव के आधार पर पत्रकार के खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई से पूरे पत्रकारों में आक्रोश का माहौल है। इस संदर्भ में हमारी मांग है, कि इस पूरे प्रकरण की न्यायिक जांचऔर मामले की उचित त्रिवेचना करवाने का कष्ट करें।

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