सांसद महेश कश्यप के पैतृक ग्राम कुम्हरावंड में श्री हनुमान प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हुआ प्रतिमा अधिवास अनुष्ठान



जगदलपुर बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप के गृहग्राम कुम्हरावंड झरनीगुड़ा के निवास में आयोजित श्रीराम भक्त हनुमान जी के त्रिदिवसीय प्राण प्रतिष्ठा समारोह का उत्साह और भक्ति का प्रवाह निरंतर बढ़ता जा रहा है। कार्यक्रम के प्रथम दिन की दिव्य और भव्य शुरुआत के बाद दूसरे दिन विद्वानों के सानिध्य में मूर्ति अधिवास एवं विशिष्ट पूजन विधान पूर्ण श्रद्धा और विधि विधान के साथ संपन्न हुआ।
इस अवसर पर पूरा ग्राम क्षेत्र जय श्री राम और पवनपुत्र हनुमान के जयकारों से गुंजायमान होता रहा, जिससे संपूर्ण वातावरण में एक अपूर्व आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। सांसद महेश कश्यप ने प्रथम दिवस अपने परिवार के साथ मिलकर बस्तर की जीवनदायिनी और प्राचीन इंद्रावती नदी के जल सहित देश की कुल 21 पवित्र नदियों के जल से प्रभु बजरंगबली की नव स्थापित प्रतिमा का महा जलाभिषेक किया। धर्म और आस्था की इस पावन बेला में प्रदेश के केबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ मार्गदर्शक केदार कश्यप की उपस्थिति थी।

मंत्री केदार कश्यप ने प्रभु का आशीर्वाद लिया और सांसद के परिवारजनों से आत्मीय एवं स्नेहिल भेंट की और शुभकामनाएं दी।उल्लेखनीय है कि सांसद महेश कश्यप में प्रभु हनुमान जी के प्रति अनन्य समर्पण उनके बाल्यकाल से ही रहा है। वे बचपन से ही बजरंगबली के परम भक्त रहे हैं और उन्होंने शुरुआत विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल में नगर स्तर से लेकर प्रांत स्तर तक के महत्वपूर्ण दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया है। संगठन में सक्रिय रहने के दौरान उन्होंने क्षेत्र के कई गांवों में मंदिरों की नींव रखने और सनातन संस्कृति के संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाई। अपने पैतृक निवास में भव्य हनुमान मंदिर की स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा की जा रही है। द्वितीय दिवस के अनुष्ठान के दौरान प्रतिमा को विभिन्न पवित्र द्रव्यों में अधिवास कराकर जागृत किया गया। इस अवसर पर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि नदियों के पवित्र जल और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हो रहे इस अनुष्ठान ने मन को असीम शांति प्रदान की है। उन्होंने महाबली हनुमान जी के श्रीचरणों में समस्त अंचलवासियों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख, समृद्धि और बस्तर की निरंतर प्रगति की मंगलकामना की। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में क्षेत्र की धर्मप्रेमी नागरिक उपस्थित होकर पुण्य लाभ ले रहे हैं। कल यानि 9 अप्रैल को समारोह के अंतिम दिन प्रतिमा की अंतिम प्राण प्रतिष्ठा और विशाल भंडारे के साथ इस त्रिदिवसीय आध्यात्मिक अनुष्ठान का समापन होगा।

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