अमृत मिशन: पाइप लाइन टेस्टिंग से लीकेज, जल्द शुरू होगी मिशनके तहत पेयजल आपूर्ति
जगदलपुर। शहर में अमृत मिशन योजना को धरातल पर उतारने का कार्य जारी है। पिछले शासन के कार्यकाल की बिछाई गई पाइप लाइनों की वर्तमान में टेस्टिंग की जा रही है। इस प्रक्रिया के दौरान लाल चर्च के पास, स्व महेंद्र कर्मा बंगला, पुराना बस स्टैंड के पास के स्थानों पर पानी का बहाव देख नागरिकों में भ्रम की स्थिति बन रही थी, जिस पर महापौर संजय पांडे ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि नियमित पानी की आपूर्ति जारी है तथा शहरवासियों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील श्री पाण्डेय ने की है।

महापौर संजय पाण्डेय ने बताया कि पाइपलाइन बिछाते समय एयर वॉल्व और टी-पॉइंट के लिए कुछ स्थान खाली छोड़े जाते हैं। टेस्टिंग के दौरान इन स्थानों से पानी का बाहर आना एक सामान्य तकनीकी प्रक्रिया है। इन बिंदुओं पर एयर वॉल्व लगाने का कार्य प्रगति पर है और पुराने पाइपों का सुधार जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई पाइप लाइन फटने या खराबी का मामला नहीं है।
लेटलतीफी फंसी रही योजना
महापौर संजय पांडेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस महत्वाकांक्षी योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि योजना के लिए लगभग 100 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए थे। पूर्ववर्ती सरकारों और एजेंसियों की लेटलतीफी के कारण योजना में विलंब हुआ।
वर्ष 2021-22 में कांग्रेस शासनकाल के दौरान नई एजेंसी को काम दिया गया, लेकिन वह भी समय पर कार्य पूरा नहीं कर सकी।
श्री पाण्डेय ने बताया कि नई सरकार के प्रयासों से कार्य में आई तेजी आई। राज्य में भाजपा सरकार के गठन के बाद जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव के सहयोग से योजना को पुनर्जीवित किया गया है। वर्तमान में इंटेक वेल, ट्रीटमेंट प्लांट और सप्लाई लाइन की सफाई व टेस्टिंग का काम चल रहा है। टेस्टिंग के दौरान सामने आ रही तकनीकी त्रुटियों को तत्काल सुधारने के निर्देश निर्माण एजेंसी को दिए गए हैं।
प्रथम चरण में 12-13 वार्डों को लाभ
महापौर संजय पाण्डेय ने आश्वस्त किया है कि इस टेस्टिंग प्रक्रिया से शहर की नियमित पेयजल व्यवस्था पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा। टेस्टिंग और गुणवत्ता परीक्षण पूर्ण होते ही प्रथम चरण में शहर के 12 से 13 वार्डों में नियमित जल आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। हमारा लक्ष्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। निरीक्षण के दौरान एमआईसी सदस्य निर्मल पाणिग्रही, सुरेश गुप्ता, लक्ष्मण झा, संग्राम सिंह राणा, संजय विश्वकर्मा, पार्षद नरसिंह राव, नगर निगम आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा सहित विभाग के अधिकारी और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
