खबर छपते ही जाग उठा बस्तर का खनिज विभाग
जगदलपुर। हमारे समाचार पत्र ने खबर प्रकाशित की और बस्तर जिले का खनिज महकमा जाग उठा। अवैध रेत उत्खनन और परिवहन करने वालों के हौसले पस्त करने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशों के बाद जिला खनिज जांच दल ने ग्राम बड़े आमाबाल के हल्दीमारी एवं पालबहार क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया।
खनिज अधिकारी शिखर चेरपा के मार्गदर्शन में शनिवार को की गई इस कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। इस छापामार कार्रवाई के दौरान खनिज अमले ने मौके से गौण खनिज रेत का अवैध परिवहन कर रहे दो ट्रैक्टरों को रंगे हाथों पकड़ा। इसके साथ ही उत्खनन स्थल से भारी मात्रा में अवैध खनन के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सामग्रियां भी बरामद की गईं, जिसमें 15 नग रापा और 13 नग तगाड़ी शामिल हैं। जांच दल द्वारा पकड़े गए वाहनों में दो ट्रैक्टर शामिल हैं, जो बिना किसी वैध दस्तावेज के रेत का परिवहन कर रहे थे। खनिज अमले ने रेत से लदे इन दोनों वाहनों को सामग्री सहित जब्त कर तुरंत पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया है और वाहन मालिकों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस पूरी कार्रवाई को जिला खनिज जांच दल के प्रभारी व खनिज निरीक्षक अंकित पुरी तथा खनिज सिपाही डिकेश्वर खरे ने मौके पर रहकर अंजाम दिया। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार इन पकड़े गए मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमावली 2015 के नियम 71 तथा खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के अंतर्गत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। खनिज अधिकारी ने इस संबंध में सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि जिले के खनिज ठेकेदारों और खनिज परिवहनकर्ताओं को पूर्व में भी सचेत किया गया था कि बिना अभिवहन पास के खनिजों का परिवहन करना दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वाले अवैध परिवहनकर्ताओं एवं उत्खननकर्ताओं के विरूद्ध पुनः इसी प्रकार का कृत्य करने पर और भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर श्री छिकारा के निर्देशानुसार बस्तर जिले में प्राकृतिक संपदा की चोरी रोकने और अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए खनिज अमले द्वारा विशेष अभियान चलाकर आगे भी इसी तरह निरंतर जांच की जाती रहेगी।
