ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम प्रभावशाली होते ही ज़िले के 60 ग्राम पंचायतों को अक्टूबर तक पूर्ण स्वच्छ बनाने का लक्ष्य
कवर्धा,,,, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत ठोस एवं अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 प्रभावशील होने के साथ ही जिले में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कार्यवाही प्रारंभ हो गया है। इसी क्रम में कलेक्टर कबीरधाम गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में जिले के जनपद पंचायत कवर्धा, पंडरिया, बोड़ला एवं स.लोहारा के चिन्हांकित 60 ग्राम पंचायतों को कचरा मुक्त करनें की कार्य योजना तैयार की गई है।इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कबीरधाम अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि अक्टूबर 2026 तक जिले के 60 ग्राम पंचायतो में योजना अंतर्गत शत प्रतिशत कार्य पूरा किया जाना है।समय-सीमा के भीतर सभी चिन्हित पंचायतों को मॉडल स्वच्छता हब के रूप में विकसित किया जाएगा।जिसके लिए सभी नोडल अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य कचरा को घरों-घर से एकत्रित कर सही निपटान करना।गीले,सूखे,सेनेटरी कचरा एवं विशेष कचरे को घर-घर से अलग-अलग इकट्ठा करने और उसका सुरक्षित परिवहन करना है। ठोस प्रबंधन संरचना अंतर्गत गांवों में निर्मित होने वाले कचरो का प्रसंस्करण केंद्रों में सही प्रोसेसिंग किया जाएगा।इसके अतिरिक्त जन जागरूकता द्वारा ग्रामीणों को स्वच्छता अभियान से जोड़ने और ‘कचरा मुक्त गांव’ की परिकल्पना को साकार करने विशेष रणनीति बनाकर कचरा मुक्त ग्राम बनाया जाना है।
वो 6 नियम जो ग्राम पंचायतों में होगा लागू
1) सोर्स से ही पृथक्करण- सूखे और गीले कचरे को घर पर ही अलग-अलग करना अब स्वैछिक नही,बल्कि पूरी तरह से अनिवार्य किया गया है।
2) डोर टू डोर कचरा कलेक्शन- जिले के हर ग्रामीण क्षेत्रों जैसे मजरा-टोला, पारा और ग्रामीणों से शत प्रतिशत कचरा का उठाया होगा।
3) वैज्ञानिक डिस्पोजल – पहले की तरह कचरा फेंकने या पाटने से होने प्रदूषण को रोकना ।अब इसे बंद कर आधुनिक वैज्ञानिक पद्दति द्वारा कचरे का निपटान होगा।
4) लिगेसी वेस्ट का सही निपटान- ग्रामीण क्षेत्र के पुराने डंपिंग यार्डों का वैज्ञानिक उपचार कर उन्हें दोबारा हरा-भरा और पर्यावरण अनुकूल बनाना।
5) व्यापक जन जागरूकता- आम जनता के व्यवहार में बदलाव लाने जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जैसे घर-घर संपर्क करना, चौपाल,रैली, नारा लेखन,वार्डवार बैठक इत्यादि के माध्यम से लोगों को जागरूक करेंगे।
6) पेटियों में बाटना होगा कचरा:- अब हर घर को अपना कचरा चार अलग-अलग डिब्बों जिसमें गिला,सूखा, सेनेटरी वेस्ट एवं स्पेशल केयर वेस्ट में बांटकर ही स्वच्छता दीदियों को देना होगा अनिवार्य।
कचरा फैलाने वाले बल्क वेस्ट जनरेटर्स पर होगी कड़ाई –
होटल ,मैरेज पैलेश,संस्थान जो भारी मात्रा में कचरा पैदा करते है उन्हें ऑनलाइन पोर्टल पर अनिवार्य रजिस्ट्रेशन कराना होगा।एवं कम्पोस्टिंग कार्य स्वयं के खर्चे से करनें होंगे नहीं तो इन पर संबंधित ग्राम पंचायतो द्वारा कार्यवाही किया जा सकेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा नहीं फेंकने के लिए लोगों को किया जाएगा प्रेरित–
खाली प्लाटों, सार्वजनिक स्थलों, तालाब,नाली एवं नदियों या अन्य सार्वजनिक स्थान पर कचरा नहीं फेंकने के लिए लोगों को समझाइस दी जाएगी।इसी उद्देश्य को लेकर ग्राम पंचायत बिरकोना एवं धरमपुरा में सरपंच सचिव,स्वच्छग्रही, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान की पीआरपी टीम से दीदी,जिला समन्वयक, विकासखंड समन्वयक, नोडल अधिकारियों की बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।
