छ्ग पिछड़ा वर्ग अधिकारी कर्मचारी संघ ने बाँटे बच्चों को पाठ्य सामग्री व छाते
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग अधिकारी कर्मचारी संघ जिला बस्तर के द्वारा प्राथमिक शाला के बच्चों को पाठ्य सामग्री तथा छाते बांटकर न्योता भोज कराया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विकास खंड बकावंड के प्रा शाला डोंगरगुडा में गांव के बच्चों के बीच विविध कार्यक्रम आयोजित कर खुशियाँ बांटी। छग पिछड़ा वर्ग अधिकारी कर्मचारी संघ के तत्वाधान में शाला के समस्त बच्चों को पाठ्य सामग्री पेन, कॉपी, पेंसिल, रबर, कटर, स्केल तथा छाते का वितरण वितरण किया। स्कूली बच्चे सामग्री पा कर खुशी से झूमते नजर आये। इस दौरान एक पेड़ माँ के नाम के तहत पौधारोपण किया गया।
सभा को सम्बोधित करते हुए संघ के जिलाध्यक्ष तुलादास मानिकपुरी ने कहा कि छग पिछड़ा वर्ग अधिकारी संघ जाति वर्ग के ऊपर उठकर सभी समुदाय के लाभ और विकास के लिये कार्य करती है। सभी समुदाय के प्रतिभाओ को प्रतिवर्ष वृहद रूप से सम्मान समारोह आयोजित कर सम्मानित करती है, जहाँ जरूरतमंद हो, गरीब बेसहारा को राशन और ठण्ड में गर्म कपड़े वितरित करती है, नन्हें परिंदो को बाज बनाने के लिये प्रोत्साहन देती है, आज ये छोटे छोटे कली के समान खिलने को आतुर बच्चे पाठ्य सामग्री और छाते पाकर कितने प्रसन्नचित्त नजर आ रहे है। बच्चों के चेहरे पे खिली ये खुशी ही दुनिया की सबसे बड़ी खुशी है। कार्यक्रम का संचालन जिला सचिव नीलमणी साहू तथा आभार प्रदर्शन ब्लाक अध्यक्ष सितेंद्र साहू ने किया। अंत में उपस्थित सभी लोगों ने बच्चों के साथ न्योता भोज किया।
इस दौरान पूर्व जनपद सदस्य भोलानाथ नाग, भाजपा युवा नेता नरेन्द्र सेठिया, एपीसी जयनारायण पाणिग्राही, संघ के जिला कोषाध्यक्ष मनीष अहीर, उप प्राचार्य जीवन लाल साहू, खेमसिंह ठाकुर, हेमराज कश्यप, सुखचन्द नाग, श्रीमती सींगा कश्यप, श्रीमती नंविना सूर्यवंशी श्रीमती रत्ना नाग, प्रधान अध्यापक सुश्री संगीता नेताम, शिक्षकगण निमाई चरण साहू, कमल लोचन, अत्यंत कुमार बैंगा सहित बडी संख्या में पालकगण उपस्थित रहे।
गोद लिये बच्चों को मिली सामग्री
प्राथमिक शाला मालगांव के माता – पिता विहीन ऐसे दो बच्चे राजकुमार गोयल तथा कु लछनी कश्यप को स्कूल केशिक्षक नीलमणी साहू द्वारा गत वर्ष से शैक्षिक व्यवस्था के तहत गोद लिये हुए है, उन्हें उनके द्वारा स्कूलों बैग, कॉपी, पेन, पेन्सिल, पानी बॉटल समेत आवश्यक पाठ्य सामग्रीयों का वितरण किया गया।
