पानी बचाने अनूठी जंग, गांवों में ‘जल मड़ई’ का आयोजन
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ एग्रीकॉन समिति द्वारा जिला प्रशासन, ग्राम पंचायत कोडेनार एवं तिरथुम तथा अज़ीम प्रेमजी फिलांथ्रोपिक इंटिटिव्स के सहयोग से संचालित सुरक्षित पेयजल परियोजना के अंतर्गत “जल मड़ई हमारा पानी, हमारी जिम्मेदारी” कार्यक्रम का आयोजन ग्राम रिपा कोडेनार में किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत बस्तर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन (आईएएस) थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम कोडेनार के सरपंच सोहन पोयाम ने की। इस अवसर पर जनपद पंचायत के अधिकारी, ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि, ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्य, वाटर चैंपियन, युवोदय स्वयं सेवक, ग्रामीण एवं छत्तीसगढ़ एग्रीकॉन समिति की टीम उपस्थित रही।कार्यक्रम की शुरुआत परियोजना क्षेत्र के विभिन्न स्थलों के भ्रमण से हुई, जहां मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन छत्तीसगढ़ एग्रीकॉन समिति द्वारा ग्राम पंचायतों एवं अज़ीम प्रेमजी परोपकारी पहल संस्था के सहयोग से संचालित सुरक्षित पेयजल परियोजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन जल संरचनाओं, स्प्रिंग रिपेयर, सामुदायिक जल स्रोतों, जल वितरण व्यवस्था एवं अन्य विकास कार्यों का अवलोकन कर आवश्यक सुझाव एवं मार्गदर्शन दिए। श्री जैन ने समुदाय आधारित जल प्रबंधन की सराहना की। अतिथियों ने परियोजना प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें जल संरक्षण, सुरक्षित पेयजल, सामुदायिक सहभागिता, ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की भूमिका तथा परियोजना की प्रगति को प्रदर्शित किया गया। छत्तीसगढ़ एग्रीकॉन समिति की ओर से परियोजना के उद्देश्य, अब तक की उपलब्धियों एवं आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने अपने क्षेत्र की जल संबंधी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं सुझावों को साझा किया। इस अवसर पर जल स्रोतों के संरक्षण, सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता, सामुदायिक सहभागिता तथा पंचायतों की भूमिका को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष चर्चा हुई।जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वाटर चैंपियनों को सम्मानित करते हुए उन्हें जल परीक्षण किट एवं प्लंबिंग टूल किट प्रदान की गई। वहीं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चयनित हितग्राहियों को घरेलू वाटर फिल्टर वितरित किए गए। कार्यक्रम में ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों एवं युवोदय स्वयंसेवकों को परियोजना के सफल क्रियान्वयन में उनके समयबद्ध एवं सक्रिय सहयोग के लिए विशेष रूप से सम्मानित एवं प्रशंसित किया गया। अपने संबोधन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन ने कहा कि जल संरक्षण एवं जल स्रोतों का सतत प्रबंधन केवल शासन का नहीं बल्कि पूरे समुदाय की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने पंचायतों, ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों, युवाओं एवं सभी संबंधित संस्थाओं से मिलकर जल संसाधनों के संरक्षण तथा प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ एग्रीकॉन समिति की ओर से बस्तानार क्षेत्र में परियोजना का नेतृत्व कर रही कलावती पोयाम, परियोजना प्रबंधक मनीषा मोटवानी, परियोजना अधिकारी कृष्णा रामपुरे सहित पूरी टीम उपस्थित रही। कार्यक्रम का मंच संचालन भोलाराम शांडिल्य ने किया। आयोजन में आकाश ठाकुर, राघवेंद्र श्रीवास्तव एवं चंचल घराट सहित पूरी परियोजना टीम का सहयोग रहा। कार्यक्रम का समापन अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों, वाटर चैंपियनों, युवोदय स्वयंसेवकों एवं ग्रामीणों संग संवाद तथा आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। यह आयोजन जल संरक्षण, सामुदायिक सहभागिता एवं सुरक्षित पेयजल की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।
