सहकारिता नेटवर्क के विस्तार से बदलेगी बस्तर की तस्वीर, अमित शाह से मिले सांसद महेश कश्यप
जगदलपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप ने नई दिल्ली में भेंट कर जनजातीय एवं पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के आर्थिक विकास के लिए विस्तृत मांग पत्र सौंपा।
सांसद महेश कश्यप ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में बस्तर में सुरक्षा और विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन आया है। अब आवश्यकता है कि इस परिवर्तन को सहकारिता आधारित आर्थिक विकास से जोड़ा जाए, जिससे जनजातीय किसानों, युवाओं एवं ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सशक्तिकरण का लाभ मिल सके। सांसद श्री कश्यप ने मांग की कि बस्तर, कांकेर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर एवं सुकमा सहित प्रत्येक जिला मुख्यालय में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की शाखा अथवा क्षेत्रीय मुख्यालय स्थापित किए जाएं। साथ ही पूर्व नक्सल प्रभावित एवं जनजातीय क्षेत्रों के लिए विशेष “सहकारिता विकास पैकेज” स्वीकृत किया जाए, जिससे सहकारी बैंकिंग, कृषि ऋण, भंडारण, प्रसंस्करण एवं विपणन अवसंरचना का तेजी से विकास हो सके।उन्होंने प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों को बहुउद्देशीय सहकारी संस्थाओं के रूप में विकसित कर उन्हें बैंकिंग, कृषि ऋण, उर्वरक, बीज, भंडारण, डिजीटल सेवाओं एवं जनसेवा केंद्र जैसी सुविधाओं से सशक्त बनाने का भी आग्रह किया।
समितियों से हो वनोपजों की सरीदी
सांसद महेश कश्यप ने धान के साथ साथ कोदो, कुटकी, रागी, मक्का तथा तेंदूपत्ता, महुआ, इमली, साल बीज सहित अन्य लघु वनोपजों की खरीदी के लिए सहकारी समितियों के माध्यम से नए खरीदी केंद्र स्थापित करने की मांग की, ताकि किसानों एवं वनोपज संग्राहकों को उचित मूल्य और बेहतर विपणन व्यवस्था मिल सके। उन्होंने महिला स्व सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों, वन धन विकास केंद्रों एवं जनजातीय सहकारी समितियों को विशेष वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण एवं विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया।
गांवों में खुलें बैंक शाखाएं
साथ ही सांसद श्री कश्यप ने बस्तर लोकसभा क्षेत्र के चयनित ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर नई सहकारी बैंक शाखाएं स्थापित करने का प्रस्ताव भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा। सांसद महेश कश्यप ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से बस्तर के किसानों की आय बढ़ेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जनजातीय क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी तथा विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में बस्तर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
