जब तक जिंदा रहा आशियाँ को तरस गया, मरने के बाद भी चैन नहीं
जगदलपुर. सनातन दर्शन में धार्मिक मान्यता है व्यक्ति के मृत्यु उपरांत आत्मा को शांति मिले. इस ध्येय से विधि विधान पूर्वक अंत्येष्टि किए जाने की परंपरा रही है. शहर से लगे गोरियाबहार शमशान में दुर्दशा का आलम देखा जा रहा है. यहां अंतिम संस्कार करने जाने वाले परिवारों को काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है. ग्राम पंचायत आड़ावाल की ओर से वर्षों पहले निर्मित किया किया गया शेड जर्जर हो चुका हैं. इसके टिन व लोहे के एंगल चोरो की भेंट चढ़ रहे है. शमशान में पेयजल का कोई साधन नहीं है. बता दे कि इस मुक्तिधाम में आड़ा वाल पंचायत के गांवों समेत हाट कटोरा क्षेत्र से लोग मृतक का अंतिम संस्कार करने पहुंचते हैं.

