इंटर्न डाक्टरों की मांगें जायज, सरकार दे 30 हजार का स्टाइपेंड:जावेद खान
जगदलपुर। प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता जावेद खान ने जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में विगत तीन दिनों से इंटर्न डाक्टरों की बेमियादी हड़ताल का समर्थन करते हुए उनकी मांग को जायज बताया है।
जावेद खान ने छत्तीसगढ़ सरकार से इंटर्न डाक्टरों की मांगों को स्वीकार करने की मांग की है। जावेद ने कहा है कि बस्तर और सरगुजा जैसे वनांचल क्षेत्रों में इंटर्न डाक्टर आज अपनी सेवाएं दिन-रात दे रहे हैं और ग्रामीणों सहित आम नागरिकों के लिए संजीवनी का कार्य कर रहे हैं। ऐसे में इन डाक्टरों को उनकी मेहनत लगन और सरकार की मदद का उचित मूल्य नहीं मिल पाना उनके लिए भी और पूरे प्रदेश के लिए भी निराशा का विषय है। इस महंगाई के दौर में महज 15 हजार 9 सौ रुपए में उन्हें मासिक गुजारा करना पड़ रहा है। इंटर्न डाक्टरों को उनकी मांग अनुसार 30 हजार रुपए मासिक स्टाइपेंड बिना देरी के दे सरकार। जावेद खान ने कहा है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश देश का सबसे कम इंटर्न डाक्टरों को स्टाइपेंड देने वाला राज्य है जहां पड़ोसी राज्य ओडिशा में इंटर्न डाक्टरों को 41 हजार से 44 हजार के बीच स्टाइपेंड मिलता है वहीं छत्तीसगढ़ में 15 हजार 9 सौ रुपए से ही इंटर्न डाक्टरों को संतुष्ट होना पड़ रहा है। जावेद ने यह भी कहा है कि रमन सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के दौरान महज़ 12 हजार रुपए ही इंटर्न डाक्टरों को सरकार देती थी परंतु जब प्रदेश में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार सत्ता में आई तब इंटर्न डाक्टरों को मिलने वाली 12 हजार की स्टाइपेंड में 3 हजार 9 सौ रुपए की बढ़ोतरी कर 15 हजार 9 सौ रुपए सम्मान निधि सुनिश्चित की गई। यदि आज प्रदेश में कांग्रेस की संवेदनशील सरकार होती तो निश्चित ही इंटर्न डाक्टरों की जायज मांगों को गंभीरता से लेती और उन्हें उनके कार्यों और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में अपनी महती भूमिका के लिए सम्मानजनक और महंगाई के अनुरूप स्टाइपेंड देती। जावेद ने इंटर्न डाक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं की बुरी तरह से प्रभावित होने की बात कहते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मांग करते की है कि हठधर्मिता छोड़ते हुए डाक्टरों की मांगों को स्वीकार करें और बिना देरी किए इंटर्न डाक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को समाप्त कराएं। यदि इंटर्न डाक्टरों की हड़ताल के चलते प्रदेश का स्वास्थ्य बिगड़ता है तो उसकी जिम्मेदारी भी प्रदेश सरकार की होगी जिसका भुगतान आने वाले समय में प्रदेश सरकार को करना पड़ेगा।
