दांव पर नौनिहालों का भविष्य, बोरीपदर की प्राथमिक और आश्रम शाला में शिक्षकी की कमी



बकावंड। ग्राम पंचायत लावागांव की प्राथमिक शाला बोरीपदर में करीब 55 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जबकि आश्रम शाला में शिक्षकों की कमी के करण 111 विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है।
प्राथमिक शाला बोरीपदर में 55 और आश्रम शाला में करीब 56 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। दोनों विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्राथमिक शाला बोरीपदर में पहली से पांचवीं तक की कक्षाओं की जिम्मेदारी महज एक शिक्षक के भरोसे है। वहीं आश्रम शाला में संचालित स्कूल में भी शिक्षक की कमी बताई जा रही है। एक शिक्षक को शिक्षण कार्य के साथ-साथ विभागीय ऑनलाइन कार्य, शासकीय पत्राचार एवं अन्य प्रशासनिक दायित्व भी संभालने पड़ते हैं। ऐसे में सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को पर्याप्त समय देना चुनौती बन गया है। ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि शिक्षकों की कमी का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ रहा है। ग्रामीणों द्वारा पिछले कई वर्षों से शिक्षकों की कमी दूर करने और अतिरिक्त शिक्षक पदस्थ करने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक मांग पूरी नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि एक शिक्षक के भरोसे पांच कक्षाओं का संचालन होने से बच्चों को पर्याप्त शैक्षणिक समय नहीं मिल पा रहा है। वहीं आश्रम शाला में भी शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक शाला बोरीपदर एवं आश्रम शाला में अतिरिक्त शिक्षकों की शीघ्र पदस्थापना करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि समय रहते शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई तो विद्यार्थियों की पढ़ाई और अधिक प्रभावित हो सकती है।

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