लोक निर्माण विभाग में अब आएगा सुशासन, कई दागी अधिकारियों का तबादला
–अर्जुन झा-
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ शासन का लोक निर्माण विभाग अधिकारियों के लिए किसी कामधेनु से कम नहीं है। इस विभाग में करोड़ों के वारे न्यारे होते हैं। अब विष्णु देव साय सरकार ने इस विभाग में सुशासन लाने की कवायद शुरू कर दी है। सरकार ने कल लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंताओं और कार्यपालन अधिकारियों की स्थानांतरण सूची जारी की है। कुछ मुख्य अभियंता भी इस स्थानांतरण में प्रभावित हुए है। कल हुए इस ट्रांसफर में कुछ विवादित और दागी अधिकारियों समेत एक महिला कार्यपालन अधिकारी की हटाए जाने की चर्चा खूब हो रही है।
अधीक्षण अभियंता श्री सूर्यवंशी को लेकर पूरे बस्तर के ठेकेदार लामबंद हो गए थे। उन्हें हालांकि बस्तर के बाहर का रास्ता न दिखाते हुए कांकेर से हटाकर जगदलपुर भेज दिया गया है। विदित हो कि इनके पूर्व पवन अग्रवाल अग्रवाल थे, जिनके स्थानीय ठेकेदारों के बीच हुई मारपीट की घटना भी काफी सुर्खियों में आई थी। श्री सूर्यवंशी के साथ भी लगभग यही स्थिति बनती रही है,लेकिन विभाग ने उन्हें वहां से हटा दिया, तो अब हालात थोड़ा बदल सकते हैं,इसी प्रकार बालोद में पदस्थ महिला एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को भी ठेकेदार के साथ अभद्रता और व्यक्ति विशेष को लाभान्वित के कारण हटाए जाने की चर्चा है। लोगों का कहना है कि उक्त महिला अधिकारी व्यवहार के कारण ही उनका तबादला किया गया है। भानुप्रतापपुर में पदस्थ किए गए एग्जीक्यूटिव इंजीनियर भोजराम गोटी वर्षों बालोद में एसडीओ के पद पर पदस्थ रहे हैं। बालोद में पदस्थापना के दौरान कुछ युवा ठेकेदारों के साथ उनकी दोस्ती भी काफी विवाद में थी। अब इस लिस्ट में शासन ने अकर्मण्य, बदमिजाज, विभाग के प्रति गैरजिम्मेदार और चालबाज अधिकारियों को विवादित जगहों से मुक्त कर सड़क, बिल्डिंग निर्माण कार्य में लगे ठेकेदारों को शासन ने जिम्मेदारी पूर्ण कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया है। इसकी सर्वत्र चर्चा और प्रशंसा हो रही है। लोग कह रहे हैं कि साय सरकार ने लोक निर्माण विभाग में सुशासन लाने के लिए यह विभागीय सर्जरी की है। उल्लेखनीय है कि बस्तर संभाग के नक्सलमुक्त होने के बाद केंद्र और राज्य सरकारों ने संभाग के सातों जिलों बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर और कोंडागांव जिलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए अरबों रुपयों का बजट मंजूर किया है। इन सभी जिलों में सड़क, पुल, पुलियों, शाला एवं अस्पताल भवनों का बड़े पैमाने पर निर्माण कराया जा रहा है। ये सारे कार्य लोक निर्माण विभाग के माध्यम से कराए जा रहे हैं। अब तक बस्तर में जमे रहे अधिकारी अपनी मनमानी करते हुए ठेकेदारों को परेशान करते आए थे। उनके हटने के बाद निश्चित ही विभाग में सुशासन आएगा और ठेकेदार पूरी राहत के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्य करा सकेंगे।
