तेज बारिश से चिमरा-बरभांवर सड़क क्षतिग्रस्त, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
कवर्धा,,, कबीरधाम जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच चिमरा से बरभांवर तक प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत करीब 2 करोड़ 6 लाख रुपये की लागत से बनाई गई सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर धंस गया। सड़क के क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाते हुए मामले की तकनीकी जांच की मांग की है।
वहीं, विभाग और निर्माण एजेंसी की ओर से सड़क क्षतिग्रस्त होने की वजह तेज बारिश और पानी के बहाव से प्रभावित हुई पुरानी रिटेनिंग वॉल को बताया जा रहा है। विभागीय अधिकारी विकास कौशिक के अनुसार, जिस स्थान पर सड़क क्षतिग्रस्त हुई है, वहां पहले से रिटेनिंग वॉल मौजूद थी। सड़क निर्माण के समय यह संरचना ठीक स्थिति में थी।
विभागीय पक्ष के अनुसार, लगातार बारिश के कारण रिटेनिंग वॉल प्रभावित हुई और नीचे से पानी के प्रवेश के बाद सड़क के नीचे की मिट्टी बहने से सड़क का हिस्सा धंस गया। निर्माण एजेंसी का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन किया गया था।
जिला प्रशासन की भू-अभिलेख शाखा के अनुसार 26 सितंबर को पिछले 24 घंटे में कबीरधाम जिले में 110.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान पिपरिया तहसील में सर्वाधिक 188 मिलीमीटर, कवर्धा में 138.7 मिलीमीटर और बोड़ला में 124.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।
इधर, सड़क को लेकर सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो के बाद भी विवाद खड़ा हुआ है। निर्माण एजेंसी का आरोप है कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर शासकीय सड़क को नुकसान पहुंचाया गया है, तो मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। ठेकेदार संघ ने भी मामले की जांच की मांग की है।
हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त हुई है, इसलिए निर्माण कार्य, सड़क की जलनिकासी व्यवस्था, मिट्टी की मजबूती और रिटेनिंग वॉल समेत पूरे निर्माण की तकनीकी जांच होनी चाहिए।
फिलहाल सड़क क्षतिग्रस्त होने की वास्तविक वजह को लेकर अलग-अलग पक्ष सामने आ रहे हैं। तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सड़क के क्षतिग्रस्त होने में निर्माण संबंधी किसी कमी, पुरानी रिटेनिंग वॉल, तेज बारिश और जलप्रवाह में से किसकी कितनी भूमिका रही।
