SIR के नाम पर लोकतंत्र से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं : नवीन जायसवाल


कवर्धा,,, लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के तहत जिला कांग्रेस कमेटी कबीरधाम ने निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार एवं निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला बोला। जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने प्रेसवार्ता में कहा कि लोकतंत्र सिर्फ चुनाव कराने का नाम नहीं, बल्कि हर पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा करने का नाम है।

उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर देशभर में करोड़ों मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किए गए हैं। छत्तीसगढ़ में भी करीब 24.99 लाख नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर हुए, जिनमें 19.13 लाख से अधिक मतदाताओं को Shifted/Absent श्रेणी में रखा गया। कांग्रेस का सवाल है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से बाहर होने की नौबत क्यों आई और इसके लिए जवाबदेही किसकी है?

नवीन जायसवाल ने कहा कि फॉर्म-6 नए मतदाता का नाम जोड़ने और फॉर्म-7 नाम हटाने/आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया से जुड़ा है। कांग्रेस का आरोप है कि SIR के दौरान फॉर्म-7 के इस्तेमाल को लेकर कई स्थानों पर गंभीर सवाल सामने आए हैं।

उन्होंने कहा कि कवर्धा नगर पालिका और पांडातराई नगर पंचायत में भी मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस ने समय रहते आपत्ति दर्ज कराई। कांग्रेस का आरोप है कि कुछ क्षेत्रों में एक विशेष वर्ग के मतदाताओं के नाम प्रभावित करने का प्रयास किया गया। ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

श्री जायसवाल ने कहा कि निर्वाचन आयोग लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थाओं में से एक है। यदि उसकी कार्यप्रणाली को लेकर जनता, राजनीतिक दलों और संवैधानिक संस्थाओं के स्तर पर सवाल उठ रहे हैं तो आयोग को पारदर्शिता के साथ हर सवाल का जवाब देना चाहिए।

उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने तथा उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों की कानूनी जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग दोहराई।

प्रदेश सचिव वीरेन्द्र जांगड़े ने कहा कि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से हटना महज प्रशासनिक गलती नहीं है। यह उसके संवैधानिक मताधिकार को प्रभावित करने वाला गंभीर विषय है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी भी पात्र नागरिक के मताधिकार से खिलवाड़ स्वीकार नहीं करेगी। SIR में बाहर हुए नामों की घर-घर जांच, पारदर्शी पुनरीक्षण और गलत तरीके से हटाए गए नामों को तत्काल वापस जोड़ने की व्यवस्था की जानी चाहिए।

लोकतंत्र जनता से चलता है, किसी सरकार या किसी अधिकारी की मनमर्जी से नहीं। मतदाता सूची में छेड़छाड़ के हर आरोप की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सवाल वोट का नहीं, देश के लोकतंत्र के भविष्य का है।

शहर अध्यक्ष अशोक सिंह ने कहा कि SIR के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से बाहर होना बेहद गंभीर विषय है। लोकतंत्र में किसी भी पात्र नागरिक को अपने मताधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना निर्वाचन आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है।

महिल कांग्रेस अध्यक्ष सीमा अनंत ने कहा कि आज देश का आम मतदाता जानना चाहता है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में नाम मतदाता सूची से बाहर क्यों हुए। उन्होंने कहा कि फॉर्म-7 के जरिए नाम हटाने की प्रक्रिया की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि कहीं फर्जी या संदिग्ध आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं तो उनके पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग किसी भी राजनीतिक दबाव से ऊपर रहकर काम करे, यही लोकतंत्र की मूल भावना है। मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास बहाल करना जरूरी है।

जिला कांग्रेस ने मांग की कि SIR की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए, मतदाता सूची से हटाए गए नामों की जांच हो और निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक संवैधानिक एवं कानूनी कदम उठाए जाएं।

कवर्धा ग्रामीण ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मणिकांत त्रिपाठी, जिला महामंत्री गोपाल चंद्रवंशी, सेवा दल अध्यक्ष पदुम सेन, विष्णु नेताम,मेहुल सत्यवंशी, शिवेंद्र वर्मा राजा झरिया, वैभव ठाकुर, सुजल ठाकुर सहित बड़ी संख्या कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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