मैं बस्तर हूँ…….रेल्वे को बेतहाशा आय देने वाला बस्तर अपनी बदहाली और दुर्दशा की बाट ढो रहा है जिसे लेकर रेल्वे प्रशासन गम्भीर नही आय दिन ऐसी कई तकनीकी खराबियों का सामना बस्तर विगत कई वर्षों से झेलता आया जिसका ठोस समाधान करने में रेल्वे असफल-अनवर खान

जगदलपुर.
बस्तर और उड़ीसा में पिछले महीने हुई तेज बारिश से जन-जीवन हुआ अस्त व्यस्त, जगदलपुर आने वाली सभी प्रमुख ट्रेनें रद्द चल रही हैं पिछले 20 दिन से सेवा बन्द है और अब रेल्वे ने नया शेड्यूल जारी कर 10 दिन और ट्रेन रद्द करने की जानकारी मिली जिसके चलते बस्तर के लिए अब मेगा ब्लॉक की स्थिति उत्पन्न चुकी है बस्तर तक ट्रेन नहीं पहुंचने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है यही नहीं सबसे ज्यादा परेशानी उन मरीजों और परिजनों को हो रही है जिन्हें इलाज के लिए आए दिन विशाखापट्टनम जाना पड़ता था अचानक हुए भूस्खलन के कारण रेल सेवाएं प्रभावित होने से जगदलपुर से चलने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेन रद्द कर दी गई हैं।
रेल्वे को बेतहाशा आय देने वाला बस्तर अपनी बदहाली और दुर्दशा की बाट ढो रहा है जिसे लेकर रेल्वे प्रशासन गम्भीर नही आय दिन ऐसी कई तकनीकी खराबियों का सामना बस्तर विगत कई वर्षों से झेलते आया है जिसका ठोस समाधान करने में असफल रेल्वे की कार्यप्रणाली पर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रशासनिक महामंत्री अनवर खान ने तिखी प्रतिक्रिया व्यक्त कर नाराजगी जताई है।
उन्होंने आगे बताया कि चक्रवाती तूफ़ान अर्नव के कारण हुई बारिश ने रेल सेवाएं को प्रभावित किया है जिसकी वजह से हजारों मुसाफिरों के सामने यातायात व्यवस्था पूरी तरह बदहाल हो चुकी है।
श्री खान का कहना है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं होने के कारण बस्तर से बड़ी संख्या में लोग विशाखापटनम उपचार के लिए जाते रहते हैं और रेल यातायात पर ज्यादा निर्भरता है लेकिन तुफान अर्नब के बाद हुई बारिश से रेल पटरीयां क्षतिग्रस्त हैं तथा रेल परिचालन पूरी तरह बंद है और जनता बेहाल है।
अनवर खान का कहना है कि परिवहन विभाग के मंत्री बस्तर के एक वरिष्ठ भाजपा विधायक केदार कश्यप हैं, ऐसा प्रतीत होता है कि जिनकी विभाग में पकड़ नहीं हैं जिसका फायदा बस संचालकों द्वारा खुलेआम उठाया जा रहा है और मुसाफिरों से अनाप शनाप मुंहमांगी रकम वसूली जा रही हैं जिसका खामियाजा शहर की जनता को उठाना पड़ रहा है बस्तर से परिवहन मंत्री होने के बावजूद बस्तरवासी लाभ से वंचित है और परिवहन विभाग दशहरा के त्योहारी सीजन में अवैध वसूली और चालानी कार्यवाही में व्यस्त है तथा उन्हें अपनी जिम्मेदारियों व दायित्व से कोई सरोकार नही है इसके कारण यात्री बस संचालकों की मनमानियां चरम पर है जिसकी सुध लेने वाला कोई नही।

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