कलेक्टर ने जारी किया नया कार्य विभाजन आदेश, अधिकारियों को सौंपी अहम जिम्मेदारियां
जगदलपुर। बस्तर जिले में शासकीय कामकाज को सुव्यवस्थित, पारदर्शी और अधिक गतिमान बनाने के लिए कलेक्टर कार्यालय द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों के मध्य कार्य विभाजन में आंशिक संशोधन करते हुए नया प्रभार आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के तहत जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अपर कलेक्टरों, संयुक्त कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टरों के दायित्वों का विस्तृत निर्धारण किया गया है।
कलेक्टर आकाश छिकारा द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना को कलेक्टर की अनुपस्थिति में सामान्य प्रशासनिक नियंत्रण एवं चालू कार्य संपादित करने की अहम जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही वे मुख्यमंत्री फ्लैगशिप योजनाओं, डीएमएफ, और हेरिटेज सोसायटी के नोडल अधिकारी होंगे। उनके पास समाज कल्याण, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, कृषि (आत्मा परियोजना, कृषि विज्ञान केंद्र), उद्यान, पशु, मत्स्य व रेशम, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, आदिवासी विकास, सीएसआर, जिला निर्माण समिति, विशेष केन्द्रीय सहायता, मुख्यमंत्री कौशल विकास, जिला परियोजना (लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी), जिला रोजगार कार्यालय, खेल एवं युवा कल्याण, जिला योजना एवं सांख्यिकी, लोक निर्माण, जल संसाधन, श्रम, नक्सल पुनर्वास तथा जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर जैसे कुल 27 विभागों एवं शाखाओं की नस्तियों का परीक्षण कर कलेक्टर को अनुमोदन हेतु प्रस्तुत करने का कार्यभार रहेगा।राजस्व तथा कानून व्यवस्था के स्तर पर दोनों अपर कलेक्टरों के मध्य प्रभार का स्पष्ट बंटवारा किया गया है। अपर कलेक्टर चंद्रिका प्रसाद बघेल अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी के रूप में कार्य करेंगे। उनके पास जगदलपुर, तोकापाल और लोहंडीगुड़ा अनुभाग के छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 के तहत अपील, पुनरीक्षण व पुनर्विलोकन (धारा 165 व 170-ख को छोड़कर) तथा कृषि खातों की उच्चतम सीमा अधिनियम 1960 के प्रकरणों की सुनवाई का जिम्मा रहेगा। साथ ही इन अनुभागों में पटवारियों के विरुद्ध पारित आदेशों की अपील, राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के आर्थिक सहायता प्रकरण (कलेक्टर के मूल अधिकारों का प्रयोग), आरबीसी खंड चार-तीन (20) भूमि तबादला, संपूर्ण जिले हेतु शोध क्षमता प्रमाण-पत्र, किराया औचित्य निर्धारण, विवाह अधिनियम एवं विशेष विवाह अधिकारी, तथा जिला कार्यालय हेतु आहरण व संवितरण अधिकारी का प्रभार सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त वे अपीलीय जनसूचना अधिकारी भी होंगे तथा वित्त लेखा, स्थापना, जिला कोषालय, नजारत, वाचक शाखा, विधानसभा, संसद प्रश्न, प्रपत्र, सहायक अधीक्षक (सामान्य), चिटफंड, मालिक मकबूजा, न्यायिक, क्रेडा (सौर सुजला), उद्यमी विकास शाखा के प्रभारी अधिकारी रहेंगे और निरीक्षण रोस्टर का पालन कराएंगे। वहीं अपर कलेक्टर दिलेराम डाहिरे अतिरिक्त कलेक्टर का प्रभार संभालेंगे। वे बस्तर एवं बकावंड अनुभाग के भू-राजस्व संहिता के अपील, पुनरीक्षण (धारा 165 व 170-ख को छोड़कर), कृषि खातों की उच्चतम सीमा अधिनियम के प्रकरण, तथा पटवारियों के विरुद्ध अपीलों की सुनवाई करेंगे। इसके अलावा नजूल अधिकारी जगदलपुर के आदेशों के विरुद्ध धारा 44 के तहत अपील, नजूल पट्टा नवीनीकरण, शीर्ष ब-121 मद के राजस्व मामले, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-आवश्यक वस्तु अधिनियम, जिला विपणन, नागरिक आपूर्ति निगम तथा सहकारिता का कार्य देखेंगे। उन्हें खाद्य, खनिज, आबकारी, जिला शहरी विकास अभिकरण, अनुज्ञप्ति, केंद्रीय जेल, जिला परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, खेल एवं युवा कल्याण, जिला अभियोजन अधिकारियों के प्रकरण, राहत, भू-अभिलेख, राजस्व शाखा, सूचना का अधिकार, मुख्य प्रतिलिपिकार, विभागीय जांच और उप जिला निर्वाचन अधिकारी का दायित्व दिया गया है। साथ ही वे नायब तहसीलदार से नीचे के कर्मचारियों के अर्जित अवकाश, जीपीएफ आंशिक-अस्थायी आहरण व त्यौहार अग्रिम के मामलों का निराकरण करेंगे।
डिप्टी कलेक्टर स्तर पर अधिकारियों के मध्य विभागों का आबंटन करते हुए सुश्री हीरा गवर्ना को नजूल अधिकारी, नजूल नवीनीकरण अधिकारी, विशेष भर्ती, जनगणना, टीएल शाखा, शिकायत, भू-अर्जन, लोक सेवा गारंटी, सहायक अधीक्षक राजस्व शाखा, कडेस्टरल सर्वे, भू-परिवर्तित शाखा, शासकीय आवास आबंटन, सांख्यिकी लिपिक, बैठकों-वीसी हेतु जानकारी तैयारी, उद्योग-पर्यावरण, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, नगर दण्डाधिकारी जगदलपुर, भाड़ा नियंत्रक अधिकारी, महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्री व सांसदों से प्राप्त संदर्भ पत्रों का निराकरण तथा केन्द्रीय विद्यालय की नस्तियों का प्रभार सौंपा गया है। वहीं डिप्टी कलेक्टर कृष्ण कुमार जायसवाल ज्येष्ठ लिपिक (एक, दो, तीन), रोस्टरवार निरीक्षण, बीस सूत्रीय शाखा, अल्पबचत, नापतौल, तकनीकी व उच्च शिक्षा, अंत्यावसायी, विभिन्न भर्ती परीक्षाओं (एसएससी, पीएससी, व्यापम, एनटीए), चिप्स, आवक-जावक, राजस्व अभिलेख कोष्ठ (आंग्ल व हिन्दी अभिलेखागार), सहायक प्रोटोकॉल अधिकारी, सहायक अधीक्षक (निरीक्षण), पासपोर्ट सत्यापन, पुरातत्व, सैनिक कल्याण बोर्ड, रिकार्ड ऑफ राइट्स, नगर दंडाधिकारी (न्यायालयीन प्रकरणों को छोड़कर), ई-ऑफिस के नोडल अधिकारी, सहायक नोडल वित्त तथा सहायक अधिकारी जिला नजारत का दायित्व संभालेंगे। मैदानी प्रशासन को मजबूत रखने हेतु अनुभागों में अनुविभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं, जिसके तहत सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में भू-राजस्व, पब्लिक ट्रस्ट एक्ट, स्टाम्प एक्ट, शस्त्र अनुज्ञप्ति नवीनीकरण, फसल संरक्षण अनुज्ञप्ति, आपदा प्रबंधन (ग्रामीण क्षेत्र), लोक परिसर बेदखली अधिनियम के सक्षम प्राधिकारी, भू-अर्जन तथा शासकीय योजनाओं व निरीक्षण की कमान संभालेंगे।
अमित बेक बकावंड एसडीएम
जगदलपुर एवं नानगुर तहसील हेतु डिप्टी कलेक्टर मनीष वर्मा एसडीएम होंगे, जिनके पास एयरपोर्ट के नोडल अधिकारी और सत्कार प्रोटोकॉल प्रभारी का भी जिम्मा रहेगा। बस्तर एवं भानपुरी तहसील हेतु अजय कुमार शतरंज को एसडीएम बनाया गया है। तोकापाल, दरभा एवं बास्तानार तहसील के लिए सत्येंद्र कुमार बंजारे एसडीएम तोकापाल होंगे। बकावंड एवं करपावंड तहसील हेतु अमित बेक एसडीएम होंगे, जिन्हें सीएसआर, विशेष केंद्रीय सहायता और जिला निर्माण समिति का नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया गया है। लोहंडीगुड़ा तहसील हेतु नंदनी साहू को लोहंडीगुड़ा अनुविभागीय दंडाधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है।
लिंक व्यवस्था भी लागू
प्रशासनिक कार्यप्रणाली में निरंतरता बनाए रखने के लिए लिंक ऑफिसर व्यवस्था भी लागू की गई है। इसके अनुसार जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना एवं अपर कलेक्टर चंद्रिका प्रसाद बघेल परस्पर एक-दूसरे के लिंक अधिकारी होंगे, जबकि अपर कलेक्टर दिलेराम डाहिरे की अनुपस्थिति में उनका कार्य चंद्रिका प्रसाद बघेल देखेंगे। इसी प्रकार डिप्टी कलेक्टर मनीष वर्मा और हीरा गवर्ना के लिंक अधिकारी कृष्ण कुमार जायसवाल होंगे तथा श्री जायसवाल की अनुपस्थिति में उनका दायित्व हीरा गवर्ना संभालेंगी।
