माहेश्वरी समाज में चलेगा संस्कारों और परंपराओं का नया दौर
जगदलपुर। बस्तर जिला माहेश्वरी सभा की प्रथम कार्यकारिणी बैठक कोंडागांव में आयोजित की गई। बैठक में संस्कार शिविर, परिचय सम्मेलन और धार्मिक यात्रा की तैयारियों पर चर्चा हुई। मातृशक्ति व युवा संगठन की सहभागिता ने आयोजन की गरिमा बढ़ा दी।
बस्तर जिला माहेश्वरी सभा के सत्र 2026-29 की प्रथम कार्यकारिणी बैठक कोंडागांव में उत्साह, आत्मीयता और सामाजिक एकजुटता के वातावरण में संपन्न हुई। बैठक में समाज की वर्तमान गतिविधियों, आगामी धार्मिक कार्यक्रमों, धार्मिक यात्राओं, बच्चों में संस्कारों के विकास तथा संगठन को अधिक सशक्त बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कोंडागांव माहेश्वरी समाज के आत्मीय स्वागत और उत्कृष्ट आतिथ्य सत्कार ने सभी सामाजिक बंधुओं का मन मोह लिया। बैठक का शुभारंभ भगवान महेश की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके पश्चात पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों ने समाज के विकास, संगठनात्मक गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं को लेकर अपने विचार साझा किए। दोपहर के भोजन के दौरान भी समाज बंधुओं के बीच आपसी स्नेह, सद्भाव और पारिवारिक जुड़ाव का वातावरण देखने को मिला।
परंपराओं और संस्कारों पर जोर
बैठक में वर्तमान सत्र के दौरान बच्चों के लिए संस्कार शिविर आयोजित करने, समाज का परिचय सम्मेलन कराने तथा डिजीटल माध्यमों से समाज की जानकारी को व्यवस्थित और सुलभ बनाने पर चर्चा हुई। इन योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर सभा के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। उद्देश्य है कि नई पीढ़ी को सामाजिक परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने के साथ समाज के सदस्यों के बीच संपर्क एवं सहयोग को और मजबूत किया जाए।
मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी
बैठक में महिला मंडल की बहनों की गरिमामय उपस्थिति और सक्रिय सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। बहनों ने संगठन की मजबूती, बच्चों में संस्कारों के विकास तथा सामाजिक गतिविधियों को बेहतर बनाने के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। कार्यक्रम का सुंदर और प्रभावी संचालन करने वाली बहनों की भी सराहना की गई। उनकी मधुर प्रस्तुति, कॉन्फिडेंस और उत्कृष्ट एंकरिंग ने आयोजन को सुव्यवस्थित एवं यादगार बना दिया।बैठक में आगामी धार्मिक कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी सुकमा संगठन ने सहर्ष स्वीकार की। वहीं धार्मिक यात्रा के संयोजक के रूप में हनुमान डोडिया तथा सहसंयोजक के रूप में ओम प्रकाश टावरी, सुरेंद्र चांडक, जगदीश भूतड़ा एवं गोविंद ईनानी को जिम्मेदारी सौंपी गई। सभी पदाधिकारी मिलकर यात्रा की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर सभा को अवगत कराएंगे। बैठक के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले संगठनों का सम्मान भी किया गया, ताकि अन्य संगठन सामाजिक सेवा और सामूहिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित हों। इस अवसर पर बस्तर जिले के विभिन्न संगठनों के अध्यक्ष, सचिव, कार्यकारिणी सदस्य और महिला मंडल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
युवा संगठन का सहयोग
आयोजन की व्यवस्थाओं में युवा संगठन ने भी उत्साहपूर्वक सहयोग दिया। युवा साथियों ने जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोरनापाल, सुकमा, छिंदगढ़, तोंगपाल, जगदलपुर, केशकाल और गीदम से पहुंचे समाज के बंधुओं की सहभागिता ने बैठक को व्यापक सामाजिक स्वरूप प्रदान किया।
संतोष चांडक का आह्वान
बस्तर जिला माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष संतोष चांडक ने कहा कि समाज की एकता, संस्कारों का संरक्षण और युवाओं व मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी संगठन की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कोंडागांव माहेश्वरी समाज, युवा संगठन, महिला मंडल और विभिन्न क्षेत्रों से आए समाज बंधुओं के सहयोग के लिए आभार जताया। श्री चांडक ने सभी से मिलकर समाजसेवा और संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया। बैठक का समापन समाज की एकता, आपसी सहयोग और सामाजिक दायित्वों के प्रति प्रतिबद्धता के संकल्प के साथ हुआ। समाज बंधुओं ने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से माहेश्वरी समाज संस्कार, सेवा और संगठन के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा।
