बाढ़ प्रभावित किसानों ने दी सड़क पर उतरने की चेतावनी
जगदलपुर। इंद्रावती और नारंगी नदी की बाढ़ व अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों की समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने तहसीलदार बस्तर के माध्यम से मुख्यमंत्री, कलेक्टर और एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। बोदरा, भैंसगांव, खोटलापाल और रोतमा के ग्रामीणों ने मांगों पर कार्रवाई के लिए छह दिन का अल्टीमेटम देते हुए समयसीमा में ठोस पहल नहीं होने पर शांतिपूर्ण आंदोलन की चेतावनी दी है।
ज्ञापन में बाढ़ से फसलों, कृषि भूमि और मकानों को हुए नुकसान का उल्लेख करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में स्थलीय सर्वे, आरबीसी 6-4 के तहत पात्र किसानों को मुआवजा, फसल बीमा से वंचित किसानों को विशेष राहत और कृषि ऋण माफी की मांग की गई है। ग्रामीणों ने आंशिक मकान क्षति पर सहायता राशि 6 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये तथा पूर्ण क्षति पर 1.30 लाख से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपए करने की मांग भी रखी है। साथ ही छह दिनों के भीतर सर्वे की प्रगति, पात्र हितग्राहियों की सूची और राहत वितरण की समयसीमा स्पष्ट करने की मांग की गई है।तहसीलदार बस्तर ने बताया कि बाढ़ प्रभावित किसानों का सर्वे कर मुआवजा राशि उनके खातों में जमा कर दी गई है। खाता संबंधी और अन्य त्रुटियों के कारण कुछ लोगों को राशि नहीं मिल पाई थी। त्रुटियों में सुधार कर उनकी राशि भी जारी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की मांगों से शासन को अवगत कराया जाएगा।ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला, जनपद पंचायत सदस्य चईत राम कश्यप, सरपंच कचरु कश्यप, मदन बघेल, नरसिंह बघेल, बलराम भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। अब ग्रामीणों की मांगों पर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।
