5 मासूमों की मौत, 16 बच्चे कुपोषित! आखिर कब जागेगी सरकार – नवीन जायसवाल
कवर्धा,,, छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश की सीमा से लगे नंदनी कुमान गांव में विशेष रूप से संरक्षित बैगा जनजाति के 5 बच्चों की मौत और 16 कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में भर्ती किए जाने की खबर बेहद दुखद और चिंताजनक है। यह घटना प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं, कुपोषण उन्मूलन और आदिवासी क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
जिला कांग्रेस कमेटी कवर्धा के अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने कहा कि मासूम बच्चों की मौत की खबर किसी भी संवेदनशील समाज के लिए पीड़ादायक है। विशेष रूप से संरक्षित बैगा जनजाति के बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, पर्याप्त पोषण और समय पर उपचार उपलब्ध कराना सरकार एवं प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि समय रहते बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति पर प्रभावी निगरानी रखी जाती और जरूरतमंद परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचता, तो ऐसी चिंताजनक स्थिति को रोकने के प्रयास और मजबूत हो सकते थे।
नवीन जायसवाल ने मांग की कि गांव में हुई बच्चों की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए। गांव के सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण, कुपोषित बच्चों का समुचित उपचार, प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता तथा क्षेत्र में स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जांच में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि केवल बच्चों को NRC में भर्ती कराना पर्याप्त नहीं है। यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि उपचार के बाद बच्चों को निरंतर पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और आवश्यक सुविधाएं मिलती रहें। आदिवासी परिवारों तक आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी पोषण योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचना चाहिए।
नवीन जायसवाल ने कहा कि सरकार को इस गंभीर मामले को प्राथमिकता से लेते हुए जवाबदेही तय करनी चाहिए। किसी भी बच्चे का जीवन कुपोषण और स्वास्थ्य सेवाओं तक समय पर पहुंच न होने के कारण संकट में नहीं पड़ना चाहिए। मासूम बच्चों की जिंदगी बचाना सरकार की जिम्मेदारी है और इस जिम्मेदारी से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
यह जानकारी
नवीन जायसवाल
अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी कवर्धा ने दी।
