अब बच्चे सीखेंगे मातृभाषा में : गोंडी शिक्षण सामग्री का हुआ शुभारंभ
जगदलपुर। विकासखंड बास्तानार के बीआरसी भवन में बुधवार को गोंडी भाषा आधारित शिक्षण सामग्री का शुभारंभ बीआरसी लोहाण्डीगुडा रोमांचल ठाकुर, बीआरसी दरभा रमझम कच्छ, एबीईओ डोमेश्वर ध्रुव के क़र कमलों से सम्पन्न हुआ।
यह पहल समग्र शिक्षा और लैंग्वेज लर्निंग फाउंडेशन के द्वारा चलाए जा रहे ‘नींव बहुभाषी शिक्षा कार्यक्रम’ के तहत की गई है। इसका मकसद है कि बच्चे अपनी ही मातृभाषा गोंडी में आसानी से पढ़ना-लिखना सीख सकें।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए शिक्षकों और गांव के लोगों ने मिलकर 12 प्रकार की शिक्षण सामग्री बनाई है। इसमें चित्र चार्ट, कविता पोस्टर, बिग बुक, अभ्यास पुस्तिका, शिक्षक संदर्शिका, वर्ण कार्ड, कहानी संग्रह और बाल वाटिका की कहानियां-कविताएं शामिल हैं।
29 स्कूलों में होगा उपयोग –
इस सामग्री का उपयोग बस्तर जिले के कुल 29 चयनित स्कूलों में किया जाएगा। जिसमें बास्तानार ब्लॉक के 18 स्कूल, लोहंडीगुड़ा के 5 स्कूल और दरभा ब्लॉक के 6 स्कूल शामिल हैं।
बच्चों को क्या फायदा होगा?
जब बच्चा अपनी घर की भाषा में पढ़ेगा, तो उसे समझना आसान होगा। कक्षा में उसकी भागीदारी बढ़ेगी और पढ़ाई रुचिकर लगेगी। साथ ही गांव की लोककथाएं, संस्कृति और ज्ञान भी स्कूल से जुड़ सकेगा।
गोंडी भाषा में पाठ्य सामग्री बनाने में सहयोग करने वाले शिक्षकों को अतिथियों के द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शाला संग्रहालय की प्रदर्शनी और कहानी कथन का प्रदर्शन भी किया गया।
कार्यक्रम में संकुल समन्वयक भरत कुरुद, लैंग्वेज लर्निंग फाउंडेशन से सुभाष चंद्र वैष्णव, रजनीश दीक्षित, सुनील सिन्हा, टिकेश्वर सोनवंशी, भारत साहू, टार्जन साहू, मनीष नेताम सहित बड़ी संख्या में शिक्षकगण उपस्थित रहे।
