नक्सलमुक्त बस्तर में बह रही आस्था की बयार, एसपी सिन्हा परिवार के साथ पहुंचे मां दंतेश्वरी के दरबार में



-अर्जुन झा-
जगदलपुर। नक्सल मुक्त बस्तर में अब अमन के साथ आस्था की भी बयार बहने लगी है। संभाग के देवी धामों में दर्शनर्थियों की संख्या बेतहाशा बढ़ गई है। लोग भयमुक्त होकर देवी मां के दरबारों में पहुंच रहे हैं। वहीं गांव गांव में मातारानी की प्रतिमा स्थापित कर ग्रामीण आराधना में जुटे हैं। मतांतरण गतिविधियों पर विराम लगने के बाद ग्रामीणों में आस्था का पुनर्जागरण हुआ है और सनातन की लहर चल पड़ी है। वहीं पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मातारानी के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में बस्तर पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा भी अपने परिवार के साथ माई दंतेश्वरी के दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने सपत्नीक दर्शन कर रथ परिक्रमा का भी दीदार किया।
बस्तर कभी धार्मिक जागरण का केंद्र रहा है। यहां के प्रकृति पुजारी आदिवासी भगवान भोलेनाथ और मां अंबे के उपासक रहे हैं। बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा स्थित माई दंतेश्वरी का धाम, बारसूर की पहाड़ी की चोटी पर स्थापित पाषाण निर्मित एशिया की सबसे बड़ी गणेश प्रतिमा, जगदलपुर का दंतेश्वरी मंदिर, सुकमा जिले रामाराम स्थित श्रीराम मंदिर, कांकेर स्थित कंकालीन माता मंदिर इस प्राचीन आस्था के जीवंत प्रमाण हैं। नक्सलियों के साथ ही मिशनरी ने भी इस आस्था को कुचलने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। नक्सलियों ने बारसूर की ऐतिहासिक और अति प्राचीन प्रतिमा को गिरा दिया था। वहीं मिशनरी ने धर्मांतरण का ऐसा कुचक्र चलाया कि सनातनी आस्था लगभग तहस नहस हो गई थी। स्थानीय लोगों को उनकी आस्थासे विमुख कर दिया गया। गणेश पूजा, दुर्गा पूजा और पारंपरिक तीज त्यौहार मनाने पर बंदिशें लगाई जा रही थीं। लाउड स्पीकर से गणेश पूजा और दुर्गा पूजा न मनाने के लिए कहा जाता था।

सरकारें बदली, नक्सलवाद का खात्मा हुआ और धर्मांतरण गतिविधियों पर भी विराम लग गया। धर्म से विमुख हो चुके लोग स्वस्फूर्त होकर मूल धर्म में लौटने लगे हैं। अब पूरे बस्तर में सनातन और स्थानीय परंपराओं तथा धार्मिक आस्था के पुर्नजागरणका दौर चल पड़ा है। लोग देवी देवताओं की शरण में लौट आए हैं। दंतेवाड़ा के प्रसिद्ध देवी धाम दंतेश्वरी मंदिर में इस बार की नवरात्रि के दौरान अपेक्षाकृत अपार भीड़ उमड़ रही है। पदयात्रियों की संख्या में भी अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। दूर दूर के गांवों से हजारों श्रद्धालु के नंगे पांव चलकर माई दंतेश्वरी का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। नक्सल घटनाओं के चलते पुलिस और प्रशासन के जो अधिकारी चिंता में घुलते रहते थे, वे भी अब बेफिक्र होकर मातारानी के दर्शन के लिए पहुंचने लगे हैं। बीती रात बस्तर के पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने अपनी धर्मपत्नी और बिटिया के साथ जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी के दरबार में पहुंच कर मत्था टेका। सिन्हा दंपत्ति ने मातारानी से बस्तर में शांति बनाए रखने की कामना की। श्री और श्रीमती सिन्हा ने रथ परिक्रमा का भी जायजा लिया। इस दौरान श्री सिन्हा अपनी नन्ही बिटिया को कंधे पर बिठाए नजर आए। जिले के सबसे बड़े पुलिस अधिकारी को एक आम नागरिक की तरह अपने बीच पाकर अन्य श्रद्धालु हैरत में पड़ गए। कई लोगों ने अपने मोबइल फोन के कैमरे में इस दृश्य को कैद भी किया। कुल मिलाकर ये सारे नजारे साबित करते हैं कि सुशासन सरकार में अब सब कुछ कुशल मंगल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *