पटवारी संघ के हड़ताल को मिला भारतीय किसान यूनियन का समर्थन



बीजापुर:- 13 अक्टूबर से छत्तीसगढ़ प्रदेश की समस्त पटवारी अनिश्चितकाल हड़ताल पर 3 सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। शासन द्वारा धान खरीदी के पूर्व गिरदावरी में किए जा रहे नए-नए प्रयोगों से हो रहे परेशानियों को देखते हुए तथा बिना कोई प्रशिक्षण के सीधे ऐप को लांच कर पीवीएफ के माध्यम से फसल का सत्यापन पॉलीग्राम आदि बनाकर धान के रकबे का सत्यापन कार्य करने तथा शासन पटवारी पर दबाव पूर्वक कम समय में टारगेट पूरा करने प्रेशर देकर काम कराया जा रहा है जिससे प्रदेश भर के पटवारी मानसिक तनाव की स्थिति से गुजर रहे हैं एवं किसानों को भी इससे धान बिक्री में परेशानी होगी ।

इन्हीं सब विषय को लेकर प्रांतीय संगठन ने अपने 3 सूत्र मांगों में पहली मांग यह रखा की पीवीएफ के माध्यम से सत्यापन कार्य बंद किया जाए क्योंकि वर्तमान में खेतों में फसल लगी हुई है तथा खेत के मेड पर तीन से चार फीट घास है, सर्वे के दौरान विषैले सर्प,बिच्छू ,कीट ,पतंगे काटने तथा प्रत्येक खेत में पहुंचने के लिए दुर्गम रस्ते, कीचड़,पानी, नदी,नाला, पहाड़, जंगल आदि की पार कर विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है जिससे यह कार्य बहुत ही जटिल हो चुका है । गिरदावरी को लेकर नए-नए संशोधन एवं नियम शासन द्वारा बिना पटवारी संघ को विश्वास में लिए एक तरफा निर्णय लेकर किया जा रहा है जिससे मैपिंग के दौरान कई खसरे भूमि स्वामी के द्वारा किए जा रहे नियत स्थान से हटकर अन्यत्र प्रदर्शित हैं जिसे प्राइवेट सर्वेयरो के द्वारा डी सी एस सत्यापन कराया जा रहा है जो की निर्धारित स्थल का अक्षांश देशात की अनिवार्यता से मैपिंग स्थान पर ही सत्यापन होने के कारण खसरे का रकबा कटने या उस खसरे का पूरा रकबा फसल से वंचित रहने की स्थिति निर्मित हुई है एवं एप्रूवल उपरांत पुनः सुधार का कोई विकल्प भी नहीं है। उक्त सारे विषयों को जानने के लिए भारतीय किसान यूनियन संघ ब्लॉक उसूर के ब्लॉक अध्यक्ष शंकर चापा का संगठन के प्रतिनिधियों के साथ उपस्थिति पटवारियों के धरना स्थल पर हुई । किसान संगठन ने पूरे कार्य को जिला अध्यक्ष शंकरलाल रतलाम, जिला सचिव यशवंत के जी के द्वारा विस्तार से बताया गया और पीवीएफ सत्यापन में होने वाले अव्यवहारिक बातों को भी बड़ी बारीकी से समझाया गया । किसान यूनियन संघ ने इसे बड़ी गंभीरता से सुना और यह कहा कि पटवारी संघ द्वारा किए जा रहे हड़ताल किसान हित में है और किसानों को धान बेचने में कोई परेशानी ना हो इसके लिए भारतीय किसान यूनियन उक्त बातों को सभी किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रयास करेगा और शासन से यह मांग भी करेगा की नए-नए प्रयोगों से किसानों का किसी भी तरह का अहित न हो यदि किसी भी किसान का धान बेचने से किसान यदि वंचित रहता है तो वह उसके लिए सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करेगा क्योंकि बहुत सारे किसान कर्जा लेकर खेती करते हैं । नए नए नियमों से धान का रकबा कटता है और किसान धान बेचने से वंचित रहेगा तो यह उचित नहीं होगा। किसान संघ के नेताओं ने बाकी विभागों में पदोन्नतियां बराबर होती है किंतु आपके विभाग में पटवारी पद पर ही सालों से कार्यरत हैं उन्हें प्रभारी राजस्व निरीक्षक के रूप में अतिरिक्त प्रभार देकर कार्य किया जा रहा है जबकि उन्हें प्रमोशन दिया जाना चाहिए , वेतन विसंगति की मांग को भी उन्होंने जायज बताया समर्थन पत्र देकर भारतीय किसान यूनियन ने राजस्व पटवारी संघ की हड़ताल का समर्थन दिया और किसान यूनियन जिंदाबाद, राजस्व पटवारी संघ जिंदाबाद के नारे लगाए गए। आगामी दिनों में किसान संगठन के माध्यम से शासन तक उपरोक्त विषयों को ध्यान आकर्षण करने के लिए जिला स्तर पर ज्ञापन रैली दिया जाएगा और सड़क से संसद तक लड़ाई लड़ेंगे, उक्त बातें अध्यक्ष शंकर चापा, जनपद सदस्य भीमा कट्टम, भीम कुमार गटपल्ली, गजेन्द्र गतपल्ली, महेन्द्र गटपल्ली, गंगा पूनेम, समैया बारसे, विरैया धुर्वा, गुजा कुड़ियम ने कही। धरना स्थल पर जिला संरक्षक पनेश्वर ठाकुर, जीवन सिंह कुंजाम, संगठन सचिव, भानुप्रताप चिड़ियम, इन्द्र कुमार झाड़ी, मीडिया प्रभारी और छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ जिला अध्यक्ष बीरा राजबाबू ब्लॉक अध्यक्ष सेवती शाह, सचिव राजू हपका, ऋषि कोरटे, तड़कल सांब शिवराम, रविंद्र पुजारी, जयंत हेमला, मंजू मंडावी, मनीषा नागेश आदि उपस्थित रहे और समर्थन देने के लिए आभार व्यक्त किया।

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