मजदुर कर रहे हैं पलायन और अधिकारी फर्जी मस्टररोल बना कर सरकार की कर रहे हैं खुशामद–दीपिका

सुकमा :- सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ प्रदेश में मनरेगा कर्मचारी हड़ताल पर हैं जिससे प्रदेश के समस्त जिलों के साथ साथ सुकमा जिले में भी कार्य प्रभावित हुए हैं इस पर भाजयूमो पदेश उपाध्यक्ष अधिवक्ता दीपिका शोरी ने जिले के अधिकारियों पर फर्जी मस्टररोल बना कर सरकार की खुशामद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज मनरेगा योजना में काम बंद होने से सुकमा में जिले भर के मजदूर पलायन के लिए मजबूर हो रहे हैं गाव में काम बंद पड़ा है काम के लिए मजदूर आंध्रप्रदेश जा रहा हैं और इधर अधिकारी सरकार की खुशामद करने हेतु फर्जी मस्टररोल बना कर मजदूरों की उपस्थिति दिखा रहे हैं,

दीपिका ने कहा कि मनरेगा कर्मी अपनी दो सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे है जिसके कारण गाव में काम बंद पड़ा है जिले के कुछ गाँव से मनरेगा में काम बंद होने के कारण पलायन कर रहे मजदूरों की जानकारी मुझे प्राप्त हुई है जिसमे पोगाभेज्जी से10,लेदा से 20,कनकापल से24,रोकेल से 17,केरातोंग से 15,राजामुडा से 12,गोरली से 07,गुडरा से 10,कोडरीपाल से 33,डोलेरास से 17,उरमापाल से 25,धोबनपाल से 10,चिपुरपाल से 10,बोदारास से 15,ईडजेपाल से10,सगुनघाट से 26,आधिकारिकरास से 06,पाकेला से 12,मारेंगा से 04,पुसगुन्ना से 06,नागलगुण्डा (कोसागुड़ा) से 27,कांकेरलंका से 42,जीरमपाल(मुतोड़ी) से 28,मानकापाल(खासपरा, बोर्रापारा) से28, केरलापाल (मांझीपारा)से 15,कोंडरे
से 20 लगभग 500 से अधिक हमारे आदिवासी भाई बहन रोजगार हेतु आंध्रप्रदेश की ओर गए हैं सरकार को इनके रोजगार की चिंता कर इन्हें इनके ग्रह ग्राम वापसी हेतु प्रयास करना चाहिए परन्तु शासन वास्तविकता से परे फर्जी मस्टररोल बना कर अपनी जिम्मेदारी को पूर्ण समझ रही है

पूर्ण कार्यों के फर्जी मस्टररोल कर रहे हैं जारी –

दीपिका ने कहा कि शासन ने जिन अधिकारियों को मनरेगाकर्मियों के स्थान पर विकल्प के रूप में कार्य करने की जिम्मेदारी दी है वो शासन को गुमराह कर गलत जानकारी दे रहे हैं जिसका उदहारण ग्राम पंचायत छिंदगढ़ के पिटटेपारा में दो माह पूर्व निर्माण हो चुके सीसी सड़क का मस्टररोल जारी कर मजदूरों की उपस्थित दिखाई गई है ऐसे ही रोकेल शेड निर्माण व लेदा में सार्वजनिक शौचालय में मजदूरों की उपस्थिति दिखा कर मस्टररोल बनाया गया है जो वास्तविकता से परे है वास्तविकता यह है कि पूरे जिले में कार्य ठप्प पड़े हुए हैं व मजदूरी की तलाश में ग्रामीणों को पलायन निरन्तर जारी है

छिंदगढ़ में नगद भुगतान वाले पंचायतों में बन रहे फर्जी मस्टररोल-

दीपिका ने कहा कि मुझे जानकारी प्राप्त हुई है कि यदि एक दो पंचायतों को छोड़ दिया जाए तो अधिकारियों के द्वारा जिन पंचायतों में मजदूरों की राशि उनके बैंक खाते में नहीं जाती है उन पंचायतों में फर्जी मस्टररोल बना कर मजदूरों की उपस्थिति दिखाई जा रही है

सरपंच व सचिव का समर्थन जिन्हें जिम्मेदारी मिली ग्रामीणों से सीधा संपर्क नहीं –

दीपिका ने यह भी कहा कि तकनीकी सहायक व रोजगार सहायक का पंचायतों में मजदूरों से सीधा संपर्क होता है इस वजह से किसी भी कार्य के सम्पादन में इन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं आती है आज सरपंच एवं सचिव भी मनरेगाकर्मियों के समर्थन में आ चुके हैं व शासन ने मनरेगाकर्मियों के स्थान पर जिन्हें जिम्मेदारी दी है उनका ग्रामीणों से कोई सीधा संपर्क नहीं है इससे भी प्रतीत होता है कि बिना किसी जानकारी के जिम्मेदार फर्जी मस्टररोल तैयार कर रहे हैं

जल्द हो निराकरण –

दीपिका ने यह भी कहा कि जब कांग्रेस ने वादा किया था तो उसे जल्द ही वादा पूर्ण कर इस समस्या का निराकरण करना चाहिए जिससे गरीब मजदूरों को सुचारू रूप से रोजगार मिल सके ।

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