धर्म नगरी को प्रदूषित करने का षड़यंत्र सरकार को पड़ेगा महंगा – गणेश तिवारी
कवर्धा :- प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार अपने द्वारा किये गए झूठे और लुभावने वायदे के चक्रव्यूह में खुद ही फसते दिख रही हैं योजनाओ और अपरिपक्व् संचालन क्षमता के चलते हर मोर्चे पर लगभग फेल होते दिख रहीं है, सरकार युवाओं और और उनके भविष्य से खेल रही हैं l जनता के मध्य दिन प्रतिदिन गिरती अपनी दयनीय स्थिति से भयभीत वर्तमान सरकार केवल आरोप प्रत्यारोप के सहारे छत्तीसगढ़ के बहुमूल्य ४ वर्ष को ख़राब करते हुए विज्ञापन भरे विकास के मायाजाल में बर्बाद कर चुकी हैं l जिसका डर सीधे- सीधे सभी कार्यकर्त्ता और नेताओ के क्रियाकलाप व्यव्हार और आचरण में स्पष्ट परिलक्षित हो रहा हैं, सत्ता का मद जब सर चढ़कर बोलता हैं तो संभ्रांत व्यक्ति का विवेक भी विधर्मियों जैसा आचरण करता हैं. जो धर्म नगरी कवर्धा में विगत दिनों स्पष्ट दिखाई दे रहा था l प्रदेश भाजपा किसान मोर्चा के स्थायी आमंत्रित सदस्य गणेश तिवारी जी सभी संभागों के प्रवास में नशामुक्ति और युवाओं के लिए सुदृढ़ भविष्य के लिए योग के माध्यम से उन्हें स्वावलंबी बनाने और उन्हें सजग बनाने जैसे अभियान से कवर्धा पहुँचने पर उन्होंने इस घटना की घोर निंदा करते हुवे कहा की सबसे दुखद बात ये हैं की कवर्धा की जनता ने जिन्हें अपनी सुरक्षा सेवा के लिए जिन पर विश्वास किया वही लोग सब सत्ता लोलुपता अदूरदर्शिता और प्रमाद में उसी जनता को छलते से दिख रहे हैं l
गणेश तिवारी ने इस प्रकार की तानाशाही रवैहे को नकारते हुवे सीधे- सीधे कहा की कवर्धा की घटना को गंभीरता से न लेते हुए दूसरी बार पुनः अपने आला कमान को खुश करने की फ़िराक में सत्तादारी पक्ष के व्यक्ति शर्मनाक बयानबाजी कर रहे हैं, जहाँ किसी नारी शक्ति का केश पकड़कर घोर अपमान हुवा हो उसे व्यक्तिगत झगडे बताना किसी समाज विशेष की लड़ाई बताना आखिर किस हद तक गिरने का सन्देश दे रहा उनका व्यव्हार ?
इतिहास प्रमाण हैं जब राजसत्ता ,प्रभुता, पद, धन, मान, लोभ के वशीभूत स्त्री का अपमान हुवा था उनकी क्या दुर्गति हुई ये सर्वविदित हैं, कवर्धा के सत्ताधारी पक्ष के कार्यकर्ता से लेकर आलाकमान घटना को विपक्षी के निराधार आरोप बताकर अपने अपने दायित्व से मुंह नही मोड़ सकती, चमचे और नए नए राजप्रसाद के स्वाद में लिप्त आडम्बरी वर्तमान स्थानीय विधायक के प्यादे अपने आका की डूबती नैया को बचाने के लिए प्रदूषित हो रही धर्म नगरी को गर्त में ले जा रहे हैं और कह रहे कुछ भी तो नही हो रहा हैं विपक्षी आधारहीन मुद्दे उठा रही हैं l
वोट बैंक की राजनीती करने में माहिर वर्तमान सरकार एक समाज विशेष को बढ़ावा देने स्थापित करने में युद्ध स्तर से लगा हैं, मूक बधिर बने उनके प्यादे निर्लज्जता पूर्वक इस कुकृत्य को विकास का नाम दे रहे हैं और समस्त सरकारी योजनाओ का लाभ पहुचाने से लेकर उन्हें पट्टा देने राशन कार्ड बना कर रहवासी बनाके नगर के शांत वातावरण को दूषित करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं l भाजपा किसान सेवा समिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य गणेश तिवारी जी मांग की हैं की विगत 3 4 वर्षो में बाहर से आकर बसे लोगो की विधिवत जानकारी एकत्र की जाये तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा किस मन्से से उन्हें यहाँ बसाया जा रहा हैं, एक महानुभाव का शर्मनाक बयान डोंगरिया महादेव के विषय में देकर जनता के आस्था के साथ खिलवाड़ करने जैसा करके शीर्षस्थ आडम्बरियों को प्रसन्न करें की कवायद नही तो और क्या हैं l
विगत दिनों कवर्धा के परशुराम धर्म ध्वज चौक में हुई घटना ने पुनः सत्ताधारी पक्ष के तानाशाह रवैये को उजागर किया हैं, आखिर धर्म नगरी को विधर्मियों द्वारा अशांत भयभीत करने के पीछे क्या रहस्य है ये यक्ष प्रश्न बना हैं l तथा जिस प्रकार का वातावरण कवर्धा में विगत वर्षो में बना हैं यहाँ के धर्मप्रिय सनातनियों के लिए केवल प्रायश्चित ही रह जायेगा l जनता का आक्रोश वर्तमान असफल स्थानीय विधायक के ऊपर इतना है की उससे बौखलाए सत्ता पक्ष के लोग निर्दोष जनता पर अपनी भड़ास निकल रहे हैं , समाज विशेष द्वारा पुनः इस प्रकार के घटना की पुनरावृती इसका प्रत्यक्ष प्रमाण हैं , क्योकि वो जान चुके हैं की उनकी वापसी तीन काल में संभव नही हैं l
निरंतर जिले के प्रवास में गणेश तिवारी द्वारा किये जा रहे जन- जागरण युवा स्वाबलंबन नशा मुक्ति अभियान में जुड़ते विशाल जन समुदाय से मिल रहे स्नेह से यह अभियान व्यापक रूप ले रहा हैं, पुनः कवर्धा के अस्तित्व और मान सम्मान की रक्षा के लिए युवाओ को संगठित करने का जो प्रयास किया जा रहा हैं उसकी भनक सत्ताधारी को लगते ही उन्हें व्यक्तिगत, आर्थिक, सामाजिक हानि पंहुचाने का कुचक्र ज्यादा दिन तक नही चलने वाला हैं l आने वाले चुनाव में जनता इन्हें शीर्ष से नकार कर ये दिखलाएगी की यदि सनातन परंपरा और धर्म में विक्षेप का षड़यंत्र वर्तमान सरकार की तरह किया जायेगा तो उसे स्वीकार कदापि नही किया जायेगा l
