बीजापुर जिला उपभोक्ता आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति अधर में, ग्रामीण निवेशक चिटफण्ड कम्पनियों के जाल में
बीजापुर :- अनुसूचित जनजाति बहुल जिला बीजापुर के भोले-भाले गरीब ग्रामीण निवेशकों की खून पसीने की कमाई को सहारा सहित कई चिट फंड कम्पनियां लूट रही है। बीजापुर जिला अनुसूचित जनजाति बहुल होने के नाते चिटफण्ड कंपनियों के लूट का शिकार ज्यादातर अनुसूचित जनजाति वर्ग के ग्रामीण निवेशक हो रहे हैं।
विदित हो कि हाल ही में छत्तीसगढ़ प्रदेश के अलग- अलग जिलों के उपभोक्ता आयोग में अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। बता दें कि गोपाल रंजन पाणिग्रही को धमतरी जिले की जिम्मेदारी मिली है। वही डाकेश्वर प्रसाद शर्मा रायपुर के अध्यक्ष बने है ।इसी कड़ी में रंजना दत्ता को कोरबा, आनंद कुमार सिंघल को बिलासपुर जिला उपभोक्ता आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। संतोष कुमार को दुर्ग, राकेश पांडेय को सरगुजा का अध्यक्ष बनाया गया है । सुजाता जसवाल को जगदलपुर-बस्तर तो वहीं प्रशांत कुंडू को जांजगीर-चांपा का अध्यक्ष बनाया गया । इन जिलों के उपभोक्ता आयोगों में अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद उपभोक्ता आयोगों में लंबित प्रकरण की सुनवाई आगे बढ़ेगी। किन्तु बीजापुर जिला के आमजन का दुर्भाग्य है कि बीजापुर जिला उपभोक्ता आयोग में आज पर्यन्त अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति नही होने से इसका सीधा असर चिटफण्ड कंपनियों के लूट का शिकार हुए, न्याय का इंतजार कर रहे आम निवेशकों सह उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
बीजापुर जिला उपभोक्ता फोरम में अध्यक्ष के अभाव में केस पंजीयन नहीं पा रहे हैं। बीजापुर जिले में चिट फंड कंपनियों की ठगी से पीड़ित निवेशकों का दुर्भाग्य है कि उनके लिए बीजापुर जिला उपभोक्ता आयोग में अध्यक्ष व सदस्य के पद रिक्तता की वजह से उपभोक्ता न्यायालय का सहारा भी नही रहा। वहीं पीड़ित गरीब निवेशक जिला उपभोक्ता आयोग, दंतेवाड़ा में परिवाद दायर करने में आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है।
आम जनों एवं पीड़ित निवेशकों ने मीडिया के माध्यम से माननीय मुख्य मंत्री, माननीय सांसद एवं माननीय विधायक महोदय का ध्यान इस ओर आकृष्ट करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग, बीजापुर में यथाशीघ्र माननीय अध्यक्ष व सदस्यगणों की नियुक्ति कराकर कार्य रूप में परिणित कराने की मांग की है।
