भोपालपटनम नपं में 1.88 करोड़ के निर्माण कार्यों पर उठे सवाल, भाजपा नेता ने लगाए गंभीर आरोप
भोपालपटनम। बीजापुर जिले की भोपालपटनम नगर पंचायत में प्रस्तावित निर्माण कार्यों को लेकर राजनीति गर्मा गई है। भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष नरसिंह रेड्डी ने नगर पंचायत प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए विकास कार्यों में भारी अनियमितता और पक्षपात का आरोप लगाया है।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में श्री रेड्डी ने कहा है कि नगर पंचायत भोपालपटनम में लगभग 1 करोड़ 88 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत 23 निर्माण कार्यों के लिए नियमों को दरकिनार कर मनमाने तरीके से ठेके आवंटित किए जा रहे हैं। भाजपा मंडल अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत सीएमओ द्वारा निविदा प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खुले टेंडर जारी करने के बजाय सीमित स्तर पर आवेदन लेकर पूरी प्रक्रिया को अपारदर्शी बनाया गया है, स्थानीय ठेकेदारों को जानबूझकर बाहर रखा जा रहा है। श्री रेड्डी का कहना है कि नगर पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर एक विशेष ठेकेदार को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, जो प्रशासनिक निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पंचायत द्वारा स्वीकृत सभी 23 कार्यों को एक ही पसंदीदा ठेकेदार को देने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इससे स्थानीय ठेकेदारों में भारी नाराजगी व्याप्त है। भाजपा मंडल अध्यक्ष ने कहा कि यदि पारदर्शी निविदा प्रक्रिया अपनाई जाती तो स्थानीय स्तर के योग्य ठेकेदारों को भी कार्य प्राप्त करने का अवसर मिलता और प्रतिस्पर्धा के माध्यम से गुणवत्ता भी सुनिश्चित होती। नरसिंह रेड्डी ने नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।उन्होंने कहा कि नगर पंचायत के अधिकांश वार्डों में कांग्रेस समर्थित पार्षद निर्वाचित हैं तथा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष भी कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। इसके बावजूद पूरे मामले में उनकी चुप्पी समझ से परे है। उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि जनता के हितों की रक्षा करने के बजाय अनियमितताओं पर मौन साध लेते हैं, तो यह उनकी जवाबदेही और कार्यप्रणाली पर भी संदेह उत्पन्न करता है। भाजपा मंडल अध्यक्ष नरसिंह रेड्डी ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में सभी निर्माण कार्यों के लिए पारदर्शी, नियमसम्मत एवं सार्वजनिक निविदा प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए ताकि स्थानीय ठेकेदारों को समान अवसर प्राप्त हो सके। इस मामले को लेकर नगर पंचायत क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और स्थानीय लोगों के बीच भी यह चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देता है और जांच की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।
