मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का दिख रहा है सकारात्मक असर

बीजापुर :- जिले के भैरमगढ़ विकासखण्ड में संचालित एकीकृत बाल विकास परियोजना अंतर्गत आंगनबाडी केन्द्र अस्पतालपारा कुटरू मे दर्ज बालिका नक्षत्रा वेंजाम का जन्म 30 जून 2021 को हुआ था। बच्ची का वजन जन्म के समय सामान्य स्तर पर थी, परंतु 6 माह के बाद बच्ची नक्षत्रा वेंजाम वजन में कमी आने लगी और गंभीर कुपोषित की श्रेणी में 04 अप्रैल 2022 को आंकलन किया गया। उस समय नक्षत्रा 10 माह और वजन 6.3 किलोग्राम मापा गया था। बच्ची के यहां गृहभेट कर मितानिन द्वारा पोषण पुर्नवास केन्द्र में भर्ती करने को कहा गया। बच्ची के पालक से मिलकर बच्ची को मई 2022 में एनआरसी में भर्ती किया गया।

बच्ची को एनआरसी से मिलने वाले पोषक तत्व युक्त पोषण आहार एवं दूध को सेवन प्रतिदिन दिया गया। जिससे बालिका के पोषण स्थिति में थोडा सुधार हुआ पर गंभीर कुपोषित श्रेणी से अभी भी बच्चे का वृद्धि रेखा आंकलन किया गया 6 माह पश्चात फिर पालकों से मिलकर एनआरसी में भर्ती कराया गया। दिसम्बर 2022 में बच्चें को 14 दिवस के लिए पोषण पुर्नवास केन्द्र कुटरू में पुनः रखा गया 14 दिवस पूर्ण होने पश्चात बच्ची का पुनः वजन का आंकलन किया गया जिसमें बच्ची का वजन 8.1 किलोग्राम हो गया है जो कि मध्यम कुपोषित की श्रेणी में आ गई। बच्ची के स्वास्थ्य में सुधार देख माता-पिता में उत्साह और उम्मीद दिखने लगा जिसके बाद पुनः 5 माह बाद मई 2023 में एनआरसी में भर्ती करवाया। 09 जून 2023 में बालिका नक्षत्रा वेंजाम का वजन 11.89 किलोग्राम की हो गई अब बालिका नक्षत्रा पूर्ण रूप से सामान्य श्रेणी में आ गई ।

सेक्टर पर्यवेक्षक के दिशा-निर्देश में आंगनबाडी कार्यकर्ता द्वारा बालिका के घर प्रतिदिन गृहभेट कर आंगनबाडी केन्द्र में गर्म भोजन, चिक्की, अण्डा दिया जा रहा है। साथ ही नियमित रूप से रेडी टू ईट को नाश्ते के रूप में घर में खाने की सलाह भी दिया गया। कार्यकर्ता द्वारा बालिका के पालक को पोषणबाडी का निर्माण करने की सलाह दी गयी। सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती प्रियंका भारद्वाज एवं सहायिका के प्रयास से वर्तमान में बालिका नक्षत्रा वेंजाम सामान्य श्रेणी में है। बालिका को पूर्ण रूप से स्वस्थ्य देख माता-पिता ने पूरी टीम को धन्यवाद ज्ञापित किया।

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