“बाबा आदम जमाने” वाले बयान पर फूलचंद गागड़ा तेंदूपत्ता मजदूरों से मांगे माफी- लक्ष्मण कड़ती

बीजापुर :- कांग्रेस नेता लक्ष्मण कड़ती ने एक प्रेस बयान जारी कर भाजपा महामंत्री फूलचंद गागड़ा के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि एक तरफ आदिवासी क्षेत्रों में बेरोजगारी की स्थिति इतनी गंभीर है कि हजारों युवा और मजदूर काम की तलाश में महाराष्ट्र, तेलंगाना और अन्य राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं। वे कड़ी मेहनत करते हुए भी अपने परिवार का भरण-पोषण मुश्किल से कर पा रहे हैं। दूसरी ओर, बीजापुर भाजपा के जिला महामंत्री फूलचंद गागड़ा मीडिया में बने रहने के लिए उल जुलूल बयान बाजी कर झूठ बोल रहे हैं।
लक्ष्मण कड़ती ने अपने प्रेस बयान में आगे कहा कि फूलचंद गागड़ा का कहना कि जो लोग नगद भुगतान राशि की बात करते हैं वे “बाबा आदम जमाने” वाले लोग हैं यह बयान उन लाखों मेहनतकश आदिवासियों का अपमान है, जो सुबह से शाम तक 40 डिग्री की तपती गर्मी में जंगलों में तेंदूपत्ता तोड़ते हैं, मजदूरी करते हैं और देश के विकास में अपना योगदान देते हैं। उनकी मेहनत को “बाबा आदम जमाने” का नाम देना न केवल गलत है, बल्कि उनके संघर्ष और पीड़ा को नजरअंदाज करने के समान है।
इसलिए फूलचंद गागड़ा अपने इस असंवेदनशील बयान के लिए बस्तर के आदिवासी भाई-बहनों और सभी मेहनतकश मजदूरों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।
इसके साथ ही, कांग्रेस नेता लक्ष्मण कड़ती ने फूलचंद गागड़ा से सवाल पूछा कि भाजपा में ऐसे कितने लोग हैं जो 40 डिग्री की तपती गर्मी में तेंदूपत्ता तोड़ने के लिए जंगलों में जाते हैं? उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि कोई भी बयान देने से पहले खुद आत्मचिंतन कर लेना चाहिए कि वह बात कितनी व्यावहारिक है। फूलचंद गागड़ा यह भी कह रहे हैं कि अब हर काम डिजिटल माध्यम से हो रहा है, तो फिर सवाल ये है कि क्या तेंदूपत्ता तोड़ाई का काम भी डिजिटल माध्यम से होगा ?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *