चंदन’ की जमीन पर गुंडई की बदबू फैलाने की भाजपाई कोशिश



शराब पीने से मना करने पर ढाबा संचालक से मारपीट

जगदलपुर :- जो रहीम उत्तम प्रकृति, का करि सकत कुसंग, चंदन विष व्यापत नहीं लिपटे रहत भुजंग। कविवर रहीम का यह दोहा श्रेष्ठजनों और दुर्जनों के भेद को उजागर करता है। नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में भी एक तरफ चंदन है, तो दूसरी तरफ भुजंग यानि सर्प प्रवृत्ति के लोग। सर्प कितना भी जहरीला हो और वह चंदन पेड़ के तने के से चौबीसों घंटे भी लिपटा रहे, तो भी चंदन पर विष का असर नहीं होता और वह अपनी प्रवृत्ति से कभी भी विमुख नहीं होता। चंदन की प्रवृत्ति है अमृत तुल्य सुगंध फैलाना और सर्प की प्रवृत्ति है फुफकारना एवं जहर उगलना। ऐसा ही कुछ इस चुनावी मौसम में नारायणपुर क्षेत्र में हो रहा है।
किसी गांव, कस्बे और शहर का नामकरण उसे बसाने वाले व्यक्ति के नाम पर अथवा उस स्थान की विशेषता के आधार पर होता है। जैसे बिलासपुर का नामकरण दानी और त्यागी महिला बिलासा बाई केंवट के नाम पर, दंतेवाड़ा का नामकरण माता दंतेश्वरी के नाम पर जहांगीराबाद का नामकरण मुगल शासक जहांगीर के नाम पर हुआ है। वैसे ही बस्तर संभाग के नारायणपुर का नामकरण भगवान नारायण के नाम पर हुआ है। नारायणपुर की देवभूमि में आसुरी प्रवृत्ति के लोग भी हैं, जो यदाकदा विध्वन्स फैलाने की कोशिश करते रहते हैं। देवों की धरा नारायणपुर में चंदन सी महक बिखेरने वाले कांग्रेस विधायक एवं हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप ने क्षेत्र में विकास की धारा बहाई है। उनके खाते में विकास एवं जनकल्याण की ढेरों उपलब्धियां दर्ज हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दीपक बैज के आशीर्वाद व सहयोग से चंदन कश्यप ने कई उल्लेखनीय कार्य क्षेत्र में कराए हैं। चंदन कश्यप ने नारायणपुर की माटी को चंदन बनाने का काम किया है। लोग मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार एवं चंदन कश्यप द्वारा कराए गए कार्यों एवं भाजपा के पंद्रह वर्षीय कार्यकाल के कार्यों का मूल्यांकन कर उसी आधार पर अपना विधायक चुनने का मन बना चुके हैं। गैर कांग्रेसी दलों के लोग जन मानसिकता को भांपकर विचलित हो उठे हैं। वे अब कांग्रेस समर्थकों को डराने धमकाने और मारने पीटने पर आमादा हो गए है। नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत भानपुरी थाना क्षेत्र के कल्याण आश्रम पारा में संचालित एक ढाबे में एक बड़े राजनैतिक दल के युवाओं ने जमकर उत्पात मचाया। ढाबे में बैठकर शराब पीने की अनुमति न देने पर ढाबा संचालक से मारपीट की गई। गाली गलौज करते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी गई। बताया गया है कि पीड़ित ढाबा संचालक कांग्रेस समर्थक है। इसीलिए प्रतिद्वन्दी दल के युवाओं ने उसके साथ ऐसा बर्ताव कर आम मतदाताओं के बीच दहशत पैदा करने की कोशिश की गई है। पीड़ित ढाबा संचालक ने मामले की नामजद शिकायत पुलिस थाने में की है। बस्तर के डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा ने मामले की पुष्टि करते हुए जांच एवं उचित कार्रवाई की बात कही है।

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