जिलें में पहली बार कलेक्टर एसपी सहित अधिकारियों नें जिले के अतिसंवेदनशील दूरस्थ क्षेत्र पामेड़ में बिताई रात,शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि सहित मूलभूत सुविधाओं का लिया जायजा।


बीजापुर – जिलें के अंतिम छोर पर बसे पामेड़ क्षेत्र जो नक्सली गतिविधियों के लिए जाने जाते हैं ऐसे संवेदनशील एवं सुदूर क्षेत्र जहाँ पहुंचने के लिए छत्तीसगढ़ की सीमा पार कर तेलंगाना होते हुए जाना पड़ता है। जिले में पहली बार किसी कलेक्टर एवं आला अधिकारियों ने रात रूककर विकास कार्यांे का जायजा लिया । कलेक्टर राजेंद्र कुमार कटारा, पुलिस अधीक्षक कमलोचन कश्यप, डीएफओ अशोक पटेल एवं जिला पंचायत सीईओ रविकुमार साहू नें पामेड़ में रात्रि विश्राम कर सुबह ग्रामीणों से रूबरू हुए जिसमें सरपंच, सचिव, जनप्रतिनिधी एवं ग्रामीणों ने अपने बीच कलेक्टर को पाकर काफी उत्साहित हुए एवं क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराएं जिसमे मुख्यरूप से पामेड़ में वाटर फिल्टर प्लांट, चेरला से पामेड़ तक बस सुविधा , मोबाईल टावर , पामेड़ स्वास्थ्य केन्द्र में एम्बुलेंस की सुविधा, कुपोषित बच्चों की देख भाल के लिए एनआरसी भवन, वहीं ग्राम उडतामल्ला में पेयजल की समस्या , ग्राम जारपल्ली में पंचायत भवन एवं बिजली की मांग , धरमारम के ग्रामीणों एवं जन-प्रतिनिधियों ने बिजली, आंगनबाड़ी, पीडीएस भवन, स्वास्थ्य केंन्द्र , एवं देवगुड़ी की मांग की। पामेड़ के आसपास के 6 से 7 गांवों के लोगों ने कलेक्टर कटारा से अपनी समस्याओं को अवगत कराया। कलेक्टर कटारा ने ग्रामीणों के मांग को गंभीरता पूर्वक सुना एवं प्राथमिकता के साथ सभी मांगों को पूर्ण करने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। पामेंड़ स्थित नदी के भ्रमण के दौरान ग्रामीणों को नदी पार करने के लिए फायबर बोट प्रदान करने के निर्देश दिये । छत्तीसगढ़ सरकार के मंशानुरूप विकास की मुख्य धारा से अंतिम व्यक्ति को जोड़ने सभी सुविधाओं का लाभ पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन गंभीरता से कार्य कर रही है । कलेक्टर कटारा नें स्वास्थ्य, शिक्षा, सुपोषण एवं कृषि सहित मूलभूत सुविधा अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए आवश्यक दिशानिर्देश दिए हैं। पामेड़ सहित जिले में कई ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ विषम परिस्थितियों के कारण प्रशासन की पहुंच से बाहर है , वहाँ शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, राशन सहित सभी आवश्यक सेवाएं सुलभता पूर्वक उपलब्ध कराने की दिशा में प्रशासन कार्य कर रही है । पामेड़ में भ्रमण के दौरान स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र का अवलोकन कर आवश्यक दिशानिर्देश दिए वहीं निर्माण- धीन भवनों को गुणवत्ता के साथ समय- सीमा में पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।

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