ब्लॉक के 93 पंचायत सचिवों से वसूले गए थे 20 लाख!


रकम उगाही की जिम्मेदारी एक चहेते सचिव को दी गई थी
कांग्रेस को चुनावी फंड उपलब्ध कराने का मामला


बकावंड (अर्जुन झा ):-जनपद पंचायत बकावंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसएस मंडावी पर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए चुनावी फंड उपलब्ध कराने व कांग्रेस प्रत्याशी के प्रचार में पंचायत सचिवों को झोंक देने के मामले में नया खुलासा हुआ है। खबर है कि एक चहेते सचिव को विकासखंड के सभी 93 पंचायत सचिवों से तयशुदा रकम वसूलने की जिम्मेदारी दी गई थी। इस सचिव के जरिए लगभग बीस लाख रू. संग्रहित किए गए थे। यह रकम किस शख्स के पास भेजी गई, इसका खुलासा होना बाकी है। खबर है कि कांकेर के एक बड़े नेता के इशारे पर यह रकम जमा की गई थी और उसका उपयोग कांग्रेस के चुनाव अभियान में किया गया है।मंडल भाजपा करपावंड के प्रभारी एवं बस्तर जिला भाजपा कार्यकारिणी के सदस्य नारायण बिसाई ने आरोप लगाया है कि बकवंड जनपद पंचायत के सीईओ एसएस मंडावी विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के एजेंट की तरह काम कर रहे थे। उन्होंने पंचायत सचिवों से धन एकत्रित कर कांग्रेस को चुनावी फंड उपलब्ध कराया था। इसके अलावा सीईओ पर पंचायत सचिवों से कांग्रेस के पक्ष में चुनाव प्रचार कराने का भी आरोप लगा है। साथ ही विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि में से कमीशनखोरी के भी आरोप हैं। श्री बिसाई ने मुख्यमंत्री और कलेक्टर को पत्र लिखकर श्री मंडावी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस बीच एक नया खुलासा यह हुआ है कि बकावंड जनपद की 93 ग्राम पंचायतों के सचिवों से करीब बीस लाख रुपए जमा किए गए थे और इस रकम को अज्ञात शक्ति के पास भेजा गया था।

कांकेर के नेता के इशारे पर खेल
कहा जा रहा है कि पंचायत सचिवों से रकम वसूली की जिम्मेदारी एक खसमखास पंचायत सचिव को सौंपी गई थी। सूत्र बताते हैं इस खेल में पर्दे के पीछे कांकेर जिले के एक बड़े नेता का हाथ रहा है। इसी नेता के इशारे पर सीईओ ने फंड जमा करवाया था। सचिवों से रकम उगाही की खबर इस समाचार पत्र में प्रकाशित होने के बाद सभी पंचायत सचिवों में खलबली मच गई है। राज्य में भाजपा की सरकार बनते ही भाजपा नेताओं ने कांग्रेस नेताओं के करीबी माने जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बकावंड जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसएस मंडावी भी अब भाजपा नेताओं के निशाने पर हैं। श्री मंडावी पर कांग्रेस शासनकाल में जमकर भ्रष्टाचार करने का आरोप है। कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों के संरक्षण में उन्होंने खूब धन अर्जित किए हैं। नारायण बिसाई ने कहा है कि कांग्रेस शासनकाल में जनपद क्षेत्र के गांवों में विकास एवं निर्माण कार्यों में जमकर अनियमितता बरती गई है। इन कार्यों की समीक्षा और गुणवत्ता में जमकर ढिलाई बरती जाती रही। ताकि अधिक से अधिक धन वसूला जा सके। इस अवैध कृत्य में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी संरक्षण देते रहे हैं। श्री बिसाई ने आरोप लगाया है कि जनपद सीईओ द्वारा कांग्रेस के लिए चंदा इकट्ठा कर चुनावी फंड उपलब्ध कराया गया और कांग्रेस के पक्ष में काम किया गया। श्री बिसाई का यह भी आरोप है कि सीईओ ने सभी पंचायत सचिवों को चुनाव के दौरान कांग्रेस के पक्ष में काम करने के लिए दिन रात लगा दिया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *