कमाल है, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बेचने वाले फर्म से बनवा ली कागजी सड़क!
-अर्जुन झा-
बकावड़। जनपद पंचायत बकावंड की ग्राम पंचायतों में 15वें वित्त आयोग मद की राशि के जमकर वारे न्यारे किए जा रहे हैं। तालाब सफाई, वाटर फिल्टर स्थापना, सीसी रोड, नाली निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत, पेयजल, इलेक्ट्रीफिकेशन जैसे फर्जी कार्य दर्शा कर लाखों रुपयों की बंदरबांट की जा रही है। कमाल की बात तो यह है कि सरपंच सचिव कॉपी किताब दुकान संचालकों से इलेक्ट्रीफिकेशन का कार्य करवा लेते हैं, दवा दुकान संचालकों से पंचायत भवन की मरम्मत करा लेते हैं और टीवी, कम्प्यूटर, लैपटॉप आदि इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बेचने वाले फर्म से सड़क तक बनवा लेते हैं। ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला बकावंड जनपद की ग्राम पंचायत बड़े देवड़ा से सामने आया है, जहां इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स विक्रेता फर्म से 1 लाख 60 हजार की लागत वाली सीसी रोड कागजों पर बनवा दी गई है।

ग्राम पंचायत बड़े देवडा़ में 15वें वित्त आयोग की राशि में गड़बड़ी का एक और मामला सामने आया है। इस बार गदराम घर से जैसिंग घर तक सीसी सड़क निर्माण के नाम पर 1 लाख 60 हजार 400 रुपए का भुगतान फर्म राजवीर इलेक्ट्रॉनिक को करना बताकर राशि आहरित कर ली गई है। पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार स्ट्रीट लाईट के नाम पर वाउचर क्रमांक एक्सवीएफसी /2023-24/पी/3, दिनांक 05/09/2023 से एक और भुगतान किया गया है। भुगतान सचिव गोवर्धन सिन्हा और सरपंच विघ्नेश्वर कश्यप द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर से पारित किया गया है। कार्य धरातल पर नहीं पाया गया है। फर्म का कार्यक्षेत्र इलेक्ट्रॉनिक्स होने के बावजूद सड़क निर्माण का भुगतान किए जाने से साबित होता है कि यहां दाल में बहुत कुछ काला है। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2024- 25 में वाउचर क्रमांक एक्सवीएफसी 2024-25/पी/17 दिनांक 25 अक्टूबर 2024 में यह राशि आहरित की गई है। भुगतान को सचिव जानकी भारती और सरपंच विघ्नेश्वर कश्यप द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर से पारित किया गया है। नियम के अनुसार हर भुगतान के लिए कार्य का तकनीकी प्राक्कलन, माप पुस्तिका, जिओ-टैग फोटो, सामग्री का जीएसटी बिल और भौतिक सत्यापन अनिवार्य है। ग्रामीणों का आरोप है कि बड़े देवड़ा पंचायत में मौके पर न तो नई स्ट्रीट लाइट लगी है और न ही बड़ी संख्या में मरम्मत हुई है बडेदेवडा के ग्रामीणों ने कलेक्टर बस्तर से मांग की है कि बकावंड ब्लॉक की सभी पंचायतों में 2023-24 और 2024-25 के 15वें वित्त के कार्यों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाए और राजवीर इलेक्ट्रॉनिक फर्म को हुए सभी भुगतानों की जांच एकसाथ की जाए।स्ट्रीट लाइट मरम्मत के नाम पर 44 हजार 100 का भुगतान, फिर राजवीर इलेक्ट्रॉनिक फर्म के नाम पर करना वताया गया है।15वें वित्त आयोग की राशि में अनियमितता के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब ग्राम पंचायत बड़ेदेवडा़, एलजीडी कोड 121821 में स्ट्रीट लाइट मरम्मत कार्य के नाम पर 44 हजार 100 रुपए का भुगतान फर्म राजवीर इलेक्ट्रॉनिक को किए जाने का मामला सामने आया है।
