नप गए लटकाने, अटकाने और भटकाने वाले पांच अफसर
जगदलपुर (अर्जुन झा ):- छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बीती देर रात किए प्रशासनिक फेरबदल की चपेट में बस्तर संभाग के भी अनेक अफसर आए हैं। ये सभी आईएएस अधिकारी हैं। विष्णुदेव साय सरकार में बस्तर संभाग से इकलौते मंत्री केदार कश्यप के कोपभाजन का शिकार इन आईएएस अफसरों को बनना पड़ा है। खबर है अटकाने, लटकाने और भटकाने के खेल में माहिर बस्तर संभाग के कई और बड़े अफसरों पर भी जल्द ही गाज गिरने वाली है।
प्रशासनिक सर्जरी की जद में बस्तर संभाग के पांच आईएएस अधिकारी आए हैं। कांकेर की कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला को कांकेर से हटाकर संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं बनाया गया है। 2009 बैच की आईएएस डॉ. प्रियंका शुक्ला को तकनीकी शिक्षा, रोजगार प्रशिक्षण विभाग के संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। उनकी जगह 2012 बैच के आईएस अभिजीत सिंह को कांकेर का कलेक्टर बनाया गया है। अभिजीत सिंह वर्तमान में संयुक्त सचिव गृह विभाग रहे हैं। नारायणपुर जिला पंचायत के सीईओ डीके ध्रुव को नारायणपुर से हटाकर भिलाई नगर निगम का कमिश्नर नियुक्त किया गया है।डीके ध्रुव 2018 बैच के आईएएस हैं। नारायणपुर जिला पंचायत के सीईओ पद से उन्हें बेदखल किए जाने में वहां के विधायक तथा छ्ग सरकार में वन, जलवायु परिवर्तन, सहकारिता एवं जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप की बड़ी भूमिका रही है। सूत्र बताते हैं कि श्री ध्रुव जनता के भरोसे पर खरा नहीं उतर रहे थे और जनप्रतिनिधियों की भी नहीं सुनते थे। केदार कश्यप उनसे नाराज चल रहे थे। 2009 बैच के आईएएस एवं संयुक्त निर्वाचन पदाधिकारी बिपिन मांझी को नारायणपुर का कलेक्टर बनाया गया है। बिपिन मांझी को नारायणपुर भेजनें और मौजूदा कलेक्टर अजीत वसंत को कोरबा भेजने में भी मंत्री केदार कश्यप की पसंद का ध्यान रखा गया है। जल संसाधन विभाग के विशेष सचिव, विशेष प्रभार राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग और सचिव लोक आयोग अनुराग पाण्डेय को बीजापुर का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। खबर ही है कि मंत्री केदार कश्यप की पसंद के आधार पर ही अनुराग पाण्डेय को बीजापुर भेजा गया है। श्री पाण्डेय 2009 बैच के आइएएस हैं। वे बीजापुर के मौजूदा कलेक्टर राजेंद्र कुमार कटारा की जगह लेंगे। 2013 बैच के आईएएस श्री कटारा राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद का संयुक्त संचालक नियुक्त किया गया है। रायपुर नगर निगम के आयुक्त रहे 2017 बैच के आईएएस मयंक चतुर्वेदी को दंतेवाड़ा का कलेक्टर बनाया गया है। 2017 बैच के आईएएस एवं बिलासपुर नगर निगम के आयुक्त कुणाल दुदावत को कोंडागांव का कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
सारांश मित्तर की हो गई छुट्टी
मंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लि. (सीजी आरआईडीसीएल) के अधीन कार्यरत ठेकेदारों के दर्द को समझा और उन्हें राहत पहुंचाने की दिशा में बड़ी पहल की है। श्री कश्यप ने अपने तेवर के मुताबिक कदम उठाते हुए लटकाने, अटकाने और भटकाने वाले सीजी आरआईडीसीएल के प्रबंध संचालक सारांश मित्तर को हटा दिया गया है। उन्हें कृषि विभाग का विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। पहले श्री मित्तर के पास आरआईडीसी के प्रबंध संचालक के साथ ही नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक का भी अतिरिक्त प्रभार भी था। सीजी आरआईडीसी के माध्यम से नक्सल प्रभावित एवं वन तथा आदिवासी बहुल बस्तर संभाग और अन्य जिलों में अरबों रुपयों की लागत से बड़े पैमाने पर सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। आरोप है कि सड़कों के निर्माण में लगे ठेकेदारों के करोड़ों रू. का भुगतान श्री मित्तर की उदासीनता की वजह से अटका हुआ है। लंबे समय से भुगतान अटके रहने के कारण ठेकेदारों की आर्थिक स्थिति डांवाडोल हो गई है। वे अपने मजदूरों और अन्य कर्मचारियों को पारिश्रमिक नहीं दे पा रहे हैं। बस्तर संभाग के सैकड़ों श्रमिक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। बताते हैं कि जब यह बात मंत्री केदार कश्यप के संज्ञान में आई, तो उन्होंने मुख्यमंत्री को इससे अवगत कराया। इसके बाद ही श्री मित्तर को सीजी आरआईडीसी के प्रबंध संचालक पद से हटाया गया है। अब उम्मीद की जा रही है कि ठेकेदारों की बकाया राशि का भुगतान जल्द शुरू हो जाएगा।
