कब होगा तेंदुए के आतंक का अंत, दहशत में क्षेत्रवासी जीने के लिए मजबूर, विभाग के खिलाफ लोगों ने किया जमकर नारेबाजी
नगरी – वन विभाग द्वारा पूर्व में लगाए गए पिंजरे में भले ही तीन तेंदुआ पकड़ में आ गया हो … लेकिन इलाके में तेंदुओं की मौजूदगी ने अब भी लोगों के अंदर खौफ पैदा कर रखा है… लिहाजा शाम के बाद लोगों का घर से बाहर निकलना खतरे से खाली नहीं…क्षेत्र में तेंदुओं की संख्या कितनी ये बता पाना मुश्किल है… लेकिन क्षेत्र में आये दिन तेंदुआ अलग – अलग जगहों पर दिखाई दे रहे है…बीते रात 10 बजे सेमरा से बिड़गुड़ी के बीच रास्ते में सारेराह तेंदुआ को देखा गया जो सड़क पार कर ठाठ से चल रहा था….जिसे लोगों ने कैमरे में कैद कर लिया . वहीँ स्थानीय लोगों की माने तो लक्ष्मी पूजा की रात सिहावा के गणेशघाट में दो तेंदुआ देखा गया था…उसी रात के तड़के सुबह 5 बजे सिहावा पहाड़ी के नीचे बाउंड्री क्रॉस कर एक घर के बरामदे में घुसकर पानी पी रहा था…घर के अंदर मौजूद लोगों की शोरगुल सुनकर तेंदुआ वापस पहाड़ी की ओर भाग गया…
तेंदुआ के हमले से अब तक तीन बच्चों की गयी जान…
तेंदुआ के हमले से इलाके में अब तक तीन बच्चों की जान जा चुकी है… जिसके बाद वन विभाग के खिलाफ लोगों भयानक आक्रोश देखा गया था… और सिहावा के बस स्टैंड में लोगों ने ने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चक्काजाम कर दिया था… तब कहीं जाकर आनन – फानन में वन विभाग ने अलग – अलग स्थान पर चार पिंजरा लगाए थे… जिसमें दो तेंदुआ कैद भी हुआ जिसे टाइगर रिजर्व इलाके में छोड़ा दिया गया…
टाइगर रिजर्व क्षेत्र के लोगों में दहशत…
पूर्व में पकड़ाए गए दो तेंदुआ को टाइगर रिजर्व के अरसीकन्हार रेन्ज में छोड़ा गया था… जिसके बाद वनांचल इलाके में भी तेंदुए की धमक लगातार देखी जा रही है… संदबाहरा और बोइरगाँव के लोगों ने बताया कि शाम होने के बाद आये दिन गाँव में तेंदुआ घुस जाता है जिससे शाम के बाद लोग घर से बाहर नहीं निकलते… कहा कि तेंदुआ को कम आबादी वाला क्षेत्र में कहीं दूर जंगल में छोड़ना था… दिन को भी निकलने में हमे डर सताने लगा है…
जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की मांगों को किया अनदेखा… वन विभाग के खिलाफ लोगों में जमकर नाराजगी…
इधर तेंदुआ के आतंक से लोग काफी डरे सहमे है तो उधर वन विभाग की मनमानी से लोग काफी नाराज भी है…क्योंकि बीते दिनों जब तेंदुआ पकड़ में आया था तो लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पीसीसी उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अम्बिका मरकाम और पूर्व विधायक श्रवण मरकाम सहित लोगों ने तेंदुआ को जंगल सफारी में छोड़ने की मांग की गई गयी थी… कहा गया था तेंदुआ की फिजिकल टेस्ट करना चाहिए यदि वो आदमखोर हुआ तो उसे जंगल सफारी में रखना चाहिए और नहीं हुआ तो अभ्यारण में छोड़ देना चाहिए…बताया था कि यहीं पास में लेजाकर छोड़े है जिससे वह वापस लौट जाएगा और उधर के बाशिंदों के लिए दिक्कत है…इधर वन विभाग ने लगाए गए केज को हटा दिया है जिसे लेकर लोगों में काफी नाराजगी है… और हो भी क्यों ना.? तेंदुआ के हमले से हुए तीन मासूम बच्चों के मौत का खौफनाक मंजर अभी तक लोगों के जहन में है… और वन विभाग के अधिकारी कहते है निगरानी कार्य चल रहा है लोगों को समझाइश दी जा रही है… जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है…
SDO हरीश पांडे ने कहा कि…
इलाके में अब भी तेंदुआ की मौजूदगी है सूचना मिलती है सिहावा में लगे सभी केज हटा दिए गए है… मुकुंदपुर का मैं नहीं बता सकता ,हम अपने से कुछ नहीं कर सकते ऊपर से आदेश रहता है…हमारी टीम निगरानी में लगी है लोगों को समझाइश दी जा रही…
