गंगालूर और फरसेगढ़ थाना क्षेत्रों से 3 नक्सली गिरफ्तार



फायरिंग -आईईडी ब्लास्ट में शामिल 2 मिलिशिया सदस्य भी पकड़े गए
जगदलपुर। बस्तर संभाग में पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन में अच्छी कामयाबी मिल रही है। नक्सली लगातार आत्मसमर्पण कर रहे हैं और गिरफ्तार भी किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में संभाग के बीजापुर जिले में पुनः तीन नक्सली पकड़े गए हैं।
बीजापुर जिले में चलाए जा रहे माओवादी विरोधी अभियान के तहत 4 फरवरी 24 को डीआरजी एवं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल 85वीं वाहिनी की संयुक्त्त टीम ने पुसनार आरपीसी सीएनएम अध्यक्ष लच्छू हेमला को मेटापाल से पकड़ा। लच्छू हेमला बीते साल 10 अगस्त को मेटपाल के जंगल में पुलिस पार्टी पर फायरिंग करने की घटना में शामिल था। उस पर छग शासन ने ईनाम एवं समर्पण नीति के तहत 1 लाख का ईनाम घोषितकिया है। पकड़े गये माओवादी के विरूद्ध थाना गंगालूर में वैधानिक कार्यवाही के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर बीजापुर न्यायालय में पेश किया गया।थाना फरसेगढ़ एवं छसबल 13वीं वाहिनी फरसेगढ़ ई कंपनी की संयुक्त टीम ने नक्सल विरोधी अभियान पर एड़सगुंडी, आलवाड़ा की ओर निकली थी। अभियान के दौरान आलवाड़ा से 2 माओवादी मिलिशिया सदस्यों को पकड़ा गया‌, जिन्होंने अपना नाम चमरू ऊर्फ सोमारू उरसा और सन्नू कुहरामी ऊर्फ सन्नू माड़वी बताया। पकड़े गए माओवादी थाना फरसेगढ़ क्षेत्र में 10 दिसंबर 2017 को आलवाड़ा के जंगल में पुलिस पार्टी पर फायरिंग व हमला करने एवं 29 जुलाई 2020 को गुमनेर की पहाड़ी में पुलिस पाटी पर आईईडी ब्लास्ट कर फायरिंग करने की घटना में शामिल थे। पकड़े गए माओवादियों के विरूद्ध थाना फरसेगढ़ में 2- 2 स्थाई वारंट लंबित हैं। पुलिस अधीक्षक बीजापुर ने इन माओवादियों की गिरफ्तारी के लिये 10- 10 हजार रू. का ईनाम घोषित किया था। पकड़े गए माओवादियों के खिलाफ फरसेगढ़ थाने में वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें बीजापुर यायालय पेश किया गया।

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