सौतपुर की महिलाओं को मिल गया सबसे बड़ी ‘सौतन’ से छुटकारा



सौतपुर पंचायत के हर घर को नल से मिल रहा है पानी

बकावंड (अर्जुन झा ):- शासन की योजनाओं का ईमानदारी से क्रियान्वयन हो, तो आम आदमी के जीवन की दशा और दिशा बदल जाती है। बशर्ते अधिकारियों की नीयत साफ हो, उनमें अपने कर्तव्य के प्रति संवेदनशीलता हो। केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन ने एक गांव के ग्रामीणों की जीवन -धारा ही बदल कर रख दी है। यह कहानी है सौतपुर की, जहां की महिलाओं के लिए पानी की समस्या सौतन की तरह खटक रही थी। सौतपुर की महिलाओं को अब इस सौतन से छुटकारा मिल गया है।

बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सौतपुर के ग्रामीण अब खुश हैं कि उनके गांव के हर घर में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। जल जीवन मिशन के तहत हर घर में नल कनेक्शन लग गया है। नल से हर घर में भरपूर पानी पहुंच रहा है। घर में ही पानी की सुविधा मिल जाने से गांव की महिलाएं सबसे ज्यादा खुश नजर आ रही हैं। उन्हें अब पानी के लिए हैंडपंप जाना नहीं पड़ता। और न ही नदी नाले में झिरिया खोदने की जहमत उठानी पड़ती है। इस बारे में ग्राम पंचायत सौतपुर के युवा सरपंच मैना कश्यप बताती हैं कि गांव के प्रत्येक पारा मोहल्ले में सभी घरों को पानी मिल रहा है। इससे पूरे गांव में खुशहाली का माहौल है। घर के कामकाज और भोजन तैयार करने से लेकर पानी के इंतजाम में दिनभर खटने वाली महिलाएं विशेष तौर पर उत्साहित हैं। महिला सरपंच मैना कश्यप ने जल जीवन मिशन के तहत सभी घरों में नल कनेक्शन लगाने हेतु सरकार के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए बताया कि अभी हाल ही में जल सभा कर सरपंच एवं सचिव को हर घर नल से जल प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस मौके पर उपस्थित पंचायत पदाधिकारियों सहित ग्रामीणों और गांव के पेयजल प्रबंधन से जुड़े जल वाहिनी के सदस्यों ने खुशी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि इस गांव के सभी 400 घरों में जल जीवन मिशन के तहत नल लगाए गए हैं। सौतपुर ग्राम पंचायत की जनसंख्या 2025 है। पंचायत में कुल 19 वार्ड में हैं। ग्राम पंचायत में 5 प्राथमिक शालाएं एक माध्यमिक शाला, सात आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। जल जीवन मिशन द्वारा इन सभी स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों को भी नल कनेक्शन से जोड़ा गया है। साथ ही ग्राम पंचायत में भी नल कनेक्शन दिया गया है, जिससे कि पानी की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। सरपंच मैना बताती हैं कि यहां के ग्रामीणों का मुख्य व्यवसाय खेती है। सुबह उठ कर खेती में जाना। दिनभर वहां काम करके शाम को घर आने पर यह सुकून रहता है कि पानी लेने दूर नहीं जाना पड़ेगा। इस बात से गांव की सभी महिलाएं सर्वाधिक खुश हैं। महिलाओं को अब पानी के लिए पसीना नहीं बहाना पड़ता। पहले घर की जरूरत के लिए पानी का इंतजाम करने में महिलाओं की सारी ऊर्जा खप जाती थी, उनका समय भी जाया होता था। अब घर बैठे पानी मिल जाने से गांव की माता -बहनों को मेहनत मशक्कत नहीं करनी पड़ती और उनके समय की भी बचत हो रही है। इस समय और ऊर्जा को महिलाएं घर के दूसरे कार्यों में लगाने लगी हैं।

स्वछता और जल संरक्षण पर भी ध्यान
सौतपुर ग्राम पंचायत में आयोजित जल सभा के मौके पर सभी प्राथमिक स्कूलों सहित माध्यमिक शाला में स्वच्छता एवं साफ-सफाई और सोख्ता गड्ढे के महत्व को समझाया गया तथा इससे संबंधित विषय पर निबंध लेखन एवं चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने सक्रियता दिखाई। वहीं इन स्कूली बच्चों का पंचायत पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों ने उत्साहवर्धन किया। ग्राम पंचायत द्वारा पेयजल योजना को चलाने के लिए रखे गए पंप ऑपरेटर उमेश कुमार का कहना है कि गांव के सभी घरों में पानी आ रहा है। घर में पानी आने से लोग बहुत खुश हैं। गांव को मूलभूत सुविधा को उपलब्ध कराने वह पूरे मन से काम कर रहा हैै। वहीं ग्रामीण डमरू का कहना है कि घरों में नल नहीं था, तब पानी लेने दूर जाते थे। जिससे बहुत थकान हो जाती थी और समय भी बहुत लगता था। अब घर में पानी सुलभ होने से समय बच रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *