धोबेदंड पंचायत के आश्रित गांव दर्राटोला को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग



दल्ली राजहरा। बालोद जिले में एक गांव ऐसा भी है, जिसे डेढ़ सौ मकानों और एक हजार से भी ज्यादा की आबादी वाला होने के बावजूद आज तक राजस्व ग्राम का दर्जा नहीं मिल पाया है। इस वजह से यह गांव बुनियादी सुविधाओं और शासन की योजनाओं का मोहताज हो गया है। परेशान ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से गुहार लगाई है।
बालोद जिले में स्थित ग्राम दर्राटोला को आज तक राजस्व ग्राम का दर्जा नहीं मिल पाया है। दर्राटोला गांव ग्राम पंचायत धोबेदंड का आश्रित ग्राम है। दर्राटोला को राजस्व ग्राम घोषित करने के लिए ग्रामवासी सन 2000 के पूर्व से आवेदन निवेदन करते आ रहे हैं। वे जहां भी आवेदन देते हैं, वहां से पावती लेकर उसे सुरक्षित रखते आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ को अलग राज्य नहीं बनाया गया था उसके पहले से ही दर्राटोला के ग्रामीण अपने गांव को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन आज तक उनका गांव राजस्व ग्राम घोषित नहीं हो पाया है। हमा गांव में लगभग 150 पर है और गांव की जनसंख्या लगभग 1000 है। पहले वाला हमारे गांव का राजस्व फाईव से नक्शा कलेक्टर कार्यालय से गुम हो गया है। इसलिए वर्ष 2021 से पुनः फाईल व नक्शा तैयार कर हम अपने गांव को राजस्व गांव घोषित किये जाने की मांग करते आ रहे हैं। इस संबंध में कार्यालय का चक्कर काटते काटते हम ग्रामीणों का लाखों रूपये खर्च हो चुका है। हमारे द्वारा सभी आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण हो जाने के पश्चात भी फाइल बहुत दिनों से कलेक्टर कार्यालय बालोद में जमा है। आपसे अनुरोध है कि हमारे आवेदन पर सकारात्मक पहल करते हुए अविलम्ब ग्राम दर्राटोला को राजस्व गांव घोषित कराने की असीम कृपा करें।

यदि हमारे मांग पर सकारात्मक पहल नहीं की जाती है तो आने वाले लोकसभा चुनाव का हम समस्त ग्राम बासियों द्वारा बहिष्कार किया जायेगा तथा चुनाव के पश्चात हम सभी ग्रामवासियों द्वारा कलेक्टर कार्यालय बालोद के समक्ष धरना प्रदर्शन किया जायेगा। उक्त आवेदन हम समस्त ग्रामवासी अपने हस्ताक्षर युक्त पत्र आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहे है।
समस्त ग्रामवासियों ने आपसे पुनः अनुरोध करते हैं कि हमारे इस आवेदन पर सीधवाशीघ्र कार्रवाई करते हुए आश्रित ग्राम दर्राटोला को राजस्वग्राम घोषित करने की असीम कृपा करे

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