कालाबाजारी की भेंट चढ़ा पीडीएस का चावल, गरीबों से औने-पौने दाम पर खरीद कर ऊंची दरों पर बेच रहे हैं दलाल


दल्लीराजहरा। नगर की शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से गरीबों को मिलने वाला सरकारी चावल दलालों के हाथों पहुंच रहा है। जरूरतमंद परिवारों को आवंटित चावल को दलाल कम कीमत पर खरीदकर बाजार में ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। इससे शासन की गरीब कल्याण योजना को पलीता लग रहा है। यहां तक कि दलाल शासकीय उचित मूल्य के काउंटर में बैठकर गरीबों के चावल को कम दाम पर ले रहे हैं।
मामले की शिकायत दल्ली राजहरा के फूड अधिकारी को कई बार की जा चुकी है लेकिन उनके द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है । दुकान से चावल निकलते ही बाहर खड़े दलाल 20 रुपये किलो में गरीबों से खरीद लेते हैं। वही चावल बाद में किराना दुकानों और होटलों में 28-30 रुपये किलो तक में बिक रहा है। कुछ दुकानों में तो बोरियां महीनों से रखी-रखी खराब हो रही हैं। दल्ली राजहरा में वर्तमान में 15 शासकीय उचित मूल्य की दुकानें हैं। कुछ दुकानों को छोड़कर लगभग सभी दुकानों में चावल दलालों को कब्जा है। जानकारी के अनुसार दलाल कार्डधारी को चावल मिलते ही उसे नगद पैसा देकर चावल ले लेते हैं। गरीब परिवार मजबूरी में अपना हिस्सा बेच देते हैं क्योंकि उन्हें इलाज, पढ़ाई या अन्य जरूरत के लिए तुरंत रकम की जरूरत होती है। दलाल यही चावल इकट्ठा कर बड़े व्यापारियों तक पहुंचा देते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दलालों के जरिए बिकने वाले इस चावल को पॉलिश कर अच्छी पैकिंग में बाजार में बेचा जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं को भी धोखा मिल रहा है। नियमानुसार हर महीने दुकानों का भौतिक सत्यापन होना चाहिए, लेकिन लंबे समय से जांच नहीं हुई है। स्टॉक रजिस्टर और वितरण रजिस्टर में हेरफेर की भी आशंका जताई जा रही है। कुछ सेल्समैन पर दलालों से मिलीभगत के आरोप भी लगे हैं। इस मामले में जिला खाद्य अधिकारी तुलसीराम ठाकुर ने कहा कि दल्ली राजहरा क्षेत्र के खाद्य अधिकारी को निर्देशित किया जाएगा कि वह हर दुकान में जाकर इसकी जांच करें और चावल दलाल पर कार्रवाई करे।

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