मोदी में नहीं है सरकार चलाने की काबिलियत – पवन खेरा



रायपुर। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के राष्ट्रीय चेयरमेन कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य पवन खेरा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि मैं रायपुर ट्रेन से आना चाहता था, मैंने पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज को बताया, तब उन्होंने कहा ट्रेन से आएंगे तो चुनाव के बाद ही रायपुर पहुंच पाएंगे, हां आप मालगाड़ी में आते हैं समय पर पहुंच सकते हैं। यह हाल है देश में ट्रेनों का। पूरे देश में यह चुनाव इस देश का वोटर लड़ा रहा है, जनता लड़ रही है, और उन्हें लगता है कि कांग्रेस पार्टी उनकी जिंदगी से जुड़े मुद्दे उठा रही है, नौकरियों के मुद्दे उठा रही है, किसानों के मुद्दे उठा रही है, आरक्षण का मुद्दा उठा रही है, संविधान का मुद्दा उठा रही है, महिला सुरक्षा का मुद्दा उठा रही है, आदिवासियों का मुद्दा उठा रही है। स्वास्थ्य की बात कर रही है, शिक्षा की बात कर रही है, पेपर लीक की बात कर रही है। इन्हीं मुद्दों पर कांग्रेस पार्टी चुनाव लड़ रही है।
पवन खेरा ने कहा कि वे लोग किन मुद्दों पर चुनाव में है? मंगलसूत्र, मछली, मीट, मुसलमान ये मुद्दे हैं उनके। 10 साल आप सरकार में रहे और आपके पास बोलने के लिए ये चार शब्द हैं। कहां है आपका रिपोर्ट कार्ड? बताइए 10 साल में आपने क्या किया? बताइए दस साल में बेरोजगारी का पैंतालीस साल का रिकॉर्ड क्यों टूटा? बताइए दस साल में लघु और मध्यम उद्योग तबाह क्यों हुए? बताइए आदिवासियों और दलितों के साथ जो अत्याचार क्यों हुआ? महिला सम्मान की ये केवल बातें करते हैं, हकीकत यह है कि हर एक घंटे में चार महिलाओं का बलात्कार हो रहा है। हर एक घंटे में दो नौजवान आत्महत्या कर रहे हैं। मोदी राज में हर दिन तीस किसान आत्महत्या कर रहे हैं। कोई और प्रधानमंत्री होता तो प्रचार करने से पहले सोचता कि मैं आंखें कैसे मिलाऊंगा, अपने लोगों के सामने कैसे जाऊंगा? यह चुनाव महत्वपूर्ण इसलिए है कि जब आप 272 में सरकार बना सकते हो तो आप चार सौ क्यों मांग रहे हो नीयत क्या है आपकी ? चार सौ इसलिए चाहिए क्योंकि संविधान बदलना है। रायपुर में 18 माह पहले कांग्रेस सरकार ने आरक्षण संशोधन विधेयक पारित करके राजभवन में फाइल भेजी वो फाइल धूल खा रही है। भाजपा आदिवासियों और दलितों के खिलाफ है, उनके आरक्षण के खिलाफ है और हम तो एक कदम और आगे जाते हैं। हम कह रहे हैं कि 50 प्रतिशत की जो सीमा है आरक्षण के ऊपर वो खत्म होनी चाहिए। जातिगत जनगणना होनी चाहिए और जो कथाकथित अगड़ी जातियां है, उनमें भी जो आर्थिक रूप से हैं उनको भी आरक्षण की पूरी सुविधा मिलनी चाहिए। ये हमारी गारंटी है, ये हमारा मेनिफेस्टो है। हमारा न्याय पत्र बिना पढ़े झूठ बोलना प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता। लेकिन दस साल में देश की जनता से जो धोखा हुआ। नौजवानों की आत्महत्या, महिलाओं से बलात्कार और किसानों की आत्महत्या ये बताते हैं कि धोखा कितना गंभीर हुआ है। कितने व्यवसायियों की आत्महत्या कोई छोटी बात नहीं है। आपकी नीतियों में खोट है, आपकी नियत में खोट है, आप सरकार चलाने के काबिल नहीं हो, आप सिर्फ प्रचार करने के काबिल हो। फंड का इस्तेमाल प्रचार में करना और जिनके लिए वो फंड है उस मद में उसका इस्तेमाल नहीं करना इसमें तो इनकी महारत है पीएचडी है। इस बार बदलाव आवश्यक है। स्थिति बहुत गंभीर है। बहुत बार कोशिश की जा रही है, सुबह से शाम तक की कैसे असल मुद्दों से भटकाया जाए।

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