मन की बात से छत्तीसगढ़ की पहचान बन गई प्रेरणा स्रोत: वन मंत्री केदार कश्यप


रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात में छत्तीसगढ़ के काले हिरण संरक्षण कार्यों का उल्लेख किए जाने पर वन मंत्री केदार कश्यप ने इसे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक क्षण बताया है।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह केवल एक उल्लेख नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के जंगलों, वन्यजीवों और यहां की जनभागीदारी पर आधारित संरक्षण मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सतत प्रयासों, वन विभाग की सक्रियता और स्थानीय समुदायों की भागीदारी ने मिलकर काले हिरण जैसे संवेदनशील वन्यजीवों के संरक्षण को एक सफल अभियान बनाया है। वन मंत्री कश्यप ने बताया कि प्रदेश में जैव विविधता को सहेजने के लिए आधुनिक तकनीक, सतत निगरानी और जनजागरूकता को प्राथमिकता दी जा रही है। “मन की बात” जैसे राष्ट्रीय मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी द्वारा इन प्रयासों की चर्चा करना यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक मजबूत और विश्वसनीय मॉडल बनकर उभर रहा है।उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण, हरित विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। बांस आधारित आजीविका को बढ़ावा देने से जहां ग्रामीणों की आय बढ़ी है, वहीं महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को भी नई दिशा मिली है। वन मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा, विशेषकर पवन ऊर्जा पर दिए जा रहे बल के अनुरूप छत्तीसगढ़ में भी हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे पर्यावरण संतुलन और आर्थिक विकास दोनों को मजबूती मिलेगी। केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह समय अपनी उपलब्धियों को और आगे बढ़ाने का है। “मन की बात” के माध्यम से मिली यह पहचान प्रदेश के हर नागरिक, वनकर्मी और जनप्रतिनिधि के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो हमें प्रकृति संरक्षण और सतत विकास के मार्ग पर और अधिक प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।

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