नक्सली के नाम से निहत्थे आदिवासी ग्रामीणों को मरना बंद करें भाजपा की सरकार – कमलेश झाड़ी
बीजापुर- सीपीआई के जिला सचिव कमलेश झाड़ी ने प्रेस बयान जारी कर हाल ही में हुए पीडिया एनकाउंटर पर सवाल खड़ा कर दिया है। उनका कहना है की जिस तरीक़े से पुलिस प्रशासन और मौजूदा भाजपा सरकार 12 माओवादियों को मार गिराने और बारह बोर की 12बंदूके पाए जाने की बात कह रही है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण और प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो सारे मृतक आदिवासी ग्रामीण हैं जो तेंदूपत्ता तोड़ जंगल गए हुए थे, उन्हे मारा गया है जिसमें नाबालिग भी शामिल है।
वहीं जिस तरीक़े से सोशल मीडिया में you tub चैनलों में खबरे प्रकशित हो रही है वह भी अपने आप में एक सवाल है।
ऐसे फर्जी घटनाओं की भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला कमेटी बीजापुर कड़ी निन्दा करती है और सरकार से जांच एवं दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग करती है।।
सीपीआई के पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने चर्चा उपरांत अपने बयान में कहा है, की भाजपा की सरकार आदिवासी विरोधी है वर्षो से यहां के मूलवासियों को खत्म करने में लगी है जिससे की यहां की जमीन और संसाधनों को बड़े पूंजीपति कार्पोरेट के हवाले कर सके पर यहां के आदिवासी इनके मंसूबे को कामयाब होने नही देंगे और जो घटना पीडिया में घटी है वह बहुत ही दर्दनाक और निंदनीय दिल दहलाने वाली घटना है। वहीं जिस तरीक़े से पुलिस प्रशासन और सरकार दावे कर रही है को हमने 12 माओवादियों को मार गिराया और सोशल मीडिया में खबरें आ रहे हैं की वह नक्सली नही थे सभी ग्रामीण है जो तेंदू पत्ता तोड़ रहे थे। उन्हे दौड़ा कर मारा गया है जिसमे नाबालिग भी शामिल है। यह भी एक सवाल। और संदेह है।
इस घटना की हकीकत जानने सीपीआई 15 मई को एक जांच टीम बनाकर पीडिया गांव पहुंचेंगे और पीड़ितों से मुलाकात करेंगे l
